Jammu Rain Flood: वैष्णो देवी में लैंडस्लाइड से मौत का आंकड़ा 33 हुआ, PM मोदी ने जताया दुख, जम्मू में बारिश ने तोड़ा 115 साल पुराना रिकॉर्ड

Jammu Rain Flood: माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर भूस्खलन से मरने वालों की संख्या बढ़कर 33 हो गई है। इस घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है और हर संभव मदद की घोषणा की है।


Vaishnodevi Landslide: जम्मू कश्मीर में कटरा स्थित माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर हुए बड़े भूस्खलन में मौतों का आंकड़ा बढ़ कर 33 हो गया है, जबकि 23 लोग घायल हुए हैं। कई लापता हैं। हादसा मंगलवार को दोपहर 3 बजे पुराने ट्रैक पर अर्धकुमारी मंदिर से कुछ दूर इंद्रप्रस्थ भोजनालय के पास हुआ। कल देर रात तक 7 लोगों के मरने की खबर थी, लेकिन सुबह आंकड़ा बढ़ गया। फिलहाल, इस इलाके में भारी बारिश की वजह से वैष्णो देवी यात्रा स्थगित कर दी गई है। राहत एवं बचाव कार्य जारी है।

जम्मू-कटरा हाईवे बंद, 22 ट्रेनें भी रद्द

जम्मू-कश्मीर में हो रही लगातार बारिश से बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति पैदा हो गई है। बिजली लाइन और मोबाइल टावरों को नुकसान हुआ है। तीन पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं। नदियां उफान पर है। कई जगहों पर भूस्खलन के बाद मलबा जमा होने और पत्थर गिरने से जम्मू-कटरा राजमार्ग बंद हो गया है। भारी बारिश के कारण नॉर्दर्न रेलवे ने बुधवार को 22 ट्रेनें रद्द कर दीं और 27 ट्रेनों को शॉर्ट-टर्मिनेट किया। इनमें वैष्णो देवी बेस कैंप से चलने वाली 9 ट्रेनें भी शामिल हैं।

अभी तक 3500 लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया

राहत बचाव में जुटी एजेंसियों ने अभी तक जम्मू जिले में 3500 लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया है। पूरे जिले में बचाव शिविर और रिलीफ कैंप बनाए गए हैं। ज्यादातर बचाए गए लोगों को जम्मू के यूथ हॉस्टल में रखा गया है। सेना पूरे इलाके को तीन हिस्सों में बांट कर लोगों को बचा रही है। एक टीम आर्धकुमारी, एक टीम कटरा-ठक्कड़ कोट रोड और एक टीम जौरियन में काम कर रही है।

पीएम मोदी ने जताया शोक

वहीं पीएम मोदी ने हादसे पर गहरा शोक जताते हुए कहा कि श्री माता वैष्णो देवी मंदिर मार्ग पर हुए भूस्खलन के कारण हुई जनहानि दुखद है। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। ईश्वर करे कि घायल जल्द से जल्द स्वस्थ हों। प्रशासन सभी प्रभावित लोगों की सहायता कर रहा है। मैं सभी की सुरक्षा और कुशलक्षेम के लिए प्रार्थना करता हूं।

सीएम ने प्रशासन को हाई अलर्ट पर रहने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने लगातार बारिश के मद्देनजर जम्मू में बाढ़ से निपटने के उपायों की समीक्षा के लिए यहां एक बैठक की। मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा, उन्होंने अधिकारियों को हाई अलर्ट बनाए रखने और सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

पीएम मोदी की स्थिति पर नजर

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि जम्मू संभाग आयुक्त रमेश कुमार उनके लगातार संपर्क में हैं और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि हम सभी के लिए एक बेहद आश्वस्त करने वाली बात यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व्यक्तिगत रूप से स्थिति पर नजर रख रहे हैं और अपडेट प्राप्त कर रहे हैं।

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केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने जम्मू संभाग के मौजूदा हालात पर अपडेट देते हुए बताया कि पुंछ और राजौरी जिलों को छोड़कर पूरे जम्मू संभाग में बारिश जारी है, लेकिन इसकी तीव्रता कम हो गई है। तवी नदी का जलस्तर कम हुआ है, जो राहत की बात है, लेकिन चिनाब नदी अभी भी खतरे के निशान के करीब बह रही है। तत्काल प्राथमिकता बिजली, पानी की आपूर्ति और मोबाइल सेवाओं की बहाली है, जिसके लिए अधिकारी रात भर लगातार काम कर रहे हैं। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, अर्धसैनिक बल, सेना और वायु सेना के अधिकारी नागरिक प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।

जम्मू में बारिश ने तोड़ा 115 साल पुराना रिकॉर्ड

बता दें कि जम्मू में बारिश ने 115 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। 1910 के बाद मंगलवार से बुधवार सुबह तक 24 घंटे में 380 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इससे पहले 25 सितंबर 1988 को दर्ज की गई 270.4 मिमी बारिश हुई थी, जो एक रिकॉर्ड था। 1996 में हुई भारी बारिश में यह रिकॉर्ड नहीं टूटा। तब 218.4 मिमी बारिश का रिकॉर्ड किया गया था। जम्मू के कई हिस्से मूसलाधार बारिश से तबाह हो गए हैं। जम्मू में हुई बारिश के कारण पड़ोसी राज्य पंजाब के कुछ हिस्सों में भी बाढ़ आ गई है।