Dehradun: राजधानी में सड़कों पर उतरे बेरोजगार युवा, आउटसोर्सिंग भर्तियों के खिलाफ किया सचिवालय कूच

Dehradun: राजधानी देहरादून की सड़कों पर एक बार फिर बेरोजगार युवाओं का हुजूम उमड़ पड़ा। उत्तराखंड बेरोजगार संघ के नेतृत्व में सैकड़ों युवाओं ने सोमवार को राज्य सरकार की ‘आउटसोर्सिंग नीति’ के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सचिवालय कूच किया। युवाओं का साफ कहना है कि सरकारी विभागों में बैकडोर एंट्री बंद की जाए और रिक्त पदों पर नियमित भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए।

उत्तराखंड बेरोजगार संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल ने सरकार की नीतियों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि पिछले 4-5 सालों से JE और AE जैसी महत्वपूर्ण भर्तियां नहीं निकाली गई हैं, जबकि विभाग पिछले दरवाजे से आउटसोर्सिंग के जरिए पद भर रहे हैं।

 

साथ ही कहा कि सरकार अजीब दोहरा रवैया अपना रही है। एक तरफ भर्ती आयोग बने हैं, दूसरी तरफ उपनल और आउटसोर्सिंग से नियुक्तियां दी जा रही हैं। जो लोग आउटसोर्सिंग से आए हैं, अब वे नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं, जिससे सीधे तौर पर परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं का हक मारा जा रहा है।

विभागों में आउटसोर्स और बैकडोर भर्ती हो रही है। जिसकी वजह से बेरोजगार युवा नौकरी के लिए दर दर भटकने पर मजबूर है। नेता आज अपने जान पहचान के लोगो को विभागों में भर्ती करवा रहे है। सरकार आयोग पर इतना पैसा किस लिए बर्बाद कर रही है।

राम कंडवाल ने सरकार को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि उत्तराखंड में 10 लाख युवा बेरोजगार है। यदि सरकार को आउटसोर्सिंग से ही नियुक्तियां करनी है, तो भर्ती आयोगों को भंग कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज का प्रदर्शन महज एक ‘ट्रेलर’ है, पिक्चर अभी बाकी है। यदि जल्द ही आउटसोर्सिंग बंद कर नियमित भर्तियों का विज्ञापन नहीं निकाला गया, तो पूरे प्रदेश में आंदोलन छेड़ा जाएगा।