PSLV-C62 Mission: क्यों फेल हुआ इसरो का इस साल का पहला ईओएस-एन1 मिशन ?

PSLV-C62 Mission: इसरो ने इस साल के पहले बड़े ऑर्बिटल मिशन पीएसएलवी-सी62 को आज लॉन्च किया। यह मिशन सुबह 10:17 बजे प्रथम लॉन्च पैड से रवाना हुआ। हालांकि प्रक्षेपण के तीसरे चरण में तकनीकी खराबी आ गई। इसरो के अनुसार रॉकेट तय रास्ते से भटक गया।


सोमवार सुबह में ही PSLV C62 यानी ईओएस-एन1 मिशन का प्रक्षेपण हुआ था, लेकिन, प्रक्षेपण के बाद PSLV C62 रॉकेट अपने निर्धारित मार्ग से भटक गया। इस कारण यह मिशन पूर्व निर्धारित मार्ग से आगे नहीं बढ़ पाया।

ISRO चीफ ने बताया

इसरो चीफ वी नारायणन ने बताया कि सैटेलाइट को सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया। दूसरा स्‍टेज भी सफल रहा, लेकिन तीसरे स्टेज के बाद इससे मिलने वाला डेटा मिलने में परेशानी आने लगा। ये दिशा से हिल गया। मिशन का चौथा स्टेज शुरू तो हुआ, लेकिन उसके बाद कोई अपडेट डेटा नहीं मिला. हम डेटा एनालिसिस कर रहे हैं।

क्या था पूरा मिशन

पीएसएलवी-सी62’ मिशन के तहत पृथ्वी अवलोकन उपग्रह ‘ईओएस-एन1’ और 14 अन्य पेलोड को अंतरिक्ष में स्थापित किया जाना था। इसरो की वाणिज्यिक शाखा न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (एनएसआईएल) के इस मिशन में शामिल 14 अन्य उपग्रह देशी और विदेशी ग्राहकों के थे। यह पीएसएलवी की 64वीं उड़ान थी।

इसरो ने बताया था कि पृथ्वी अवलोकन उपग्रह का निर्माण थाईलैंड और ब्रिटेन ने संयुक्त रूप से किया था। पूरा मिशन प्रक्षेपण के बाद दो घंटे से अधिक समय तक चला। मुख्य पेलोड पृथ्वी अवलोकन उपग्रह 13 अन्य उपग्रहों के साथ ‘पिगीबैक मोड’ में उड़ान भरा। इन उपग्रहों को प्रक्षेपण के लगभग 17 मिनट बाद निर्धारित सूर्य-समकालिक कक्षा में स्थापित किया जाना था। इसरो ने बताया कि पीएसएलवी अब तक 63 उड़ानें पूरी कर चुका है, जिनमें महत्वाकांक्षी ‘चंद्रयान-1’, ‘मंगल ऑर्बिटर मिशन’ (मॉम) और ‘आदित्य-एल1’ मिशन शामिल हैं।