Uttarakhand: धामी कैबिनेट में उत्तराखंड पर्यटन की नियमावली को मंजूरी, गन्ना किसानों और उपनल कर्मियों के लिए भी बड़ा फैसला

Uttarakhand: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को मंत्रिमंडल की बैठक हुई। बैठक में 19 प्रस्ताव पर मुहर लगी है। इसमें यूसीसी में संशोधन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई है। वहीं, उत्तराखंड पर्यटन की नियमावली को भी मंजूरी मिल गई है। उपनल कर्मचारियों और गन्ना किसानों के लिए भी बड़ा फैसला लिया गया है।

उपनल कर्मचारियों के लिए बड़ा फैसला 

कैबिनेट बैठक में सबसे अहम चर्चा उपनल कर्मचारियों को लेकर रही। मंत्रिमंडल ने उपनल कर्मचारियों के हक में बड़ा फैसला लेते हुए समान कार्य–समान वेतन पर सहमति जता दी है। यह लाभ चरणबद्ध तरीके से दिया जाएगा।

पहले चरण में 7000 से अधिक उपनल कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा। सैनिक कल्याण विभाग में कार्यरत उपनल कार्मिकों को भी प्रथम चरण में वर्ष 2015 से समान कार्य–समान वेतन का लाभ दिया जाएगा।

किसानों के लिए भी फैसला 

कैबिनेट ने गन्ना एवं चीनी उद्योग विभाग के तहत चीनी मिलों को बैंकों से ऋण लेने की अनुमति दी है, जिसमें सरकार गारंटी देगी। गन्ना मूल्य में भी संशोधन किया गया है। सामान्य प्रजाति के लिए ₹405 प्रति कुंतल और अन्य प्रजाति के लिए ₹395 प्रति कुंतल मूल्य तय किया गया है।

कैबिनेट बैठक में ये फैसले मंजूर 

1: पेराई सत्र 2025-26 के लिए 270 करोड़ की शासकीय प्रतिभूति यानी स्टेट गारंटी को मंजूरी। अब चीनी मिलें ऋण ले सकेंगी।

2: चीनी मिलों के गन्ने के मूल्य को मंजूरी। 405 रुपये अगेती के मिलेंगे।

3: निर्वाचन विभाग में सेवा नियमावली को मंजूरी।

4: उत्तराखंड संस्कृत अकादमी का नाम उत्तराखंड संस्कृत संस्थानम होगा।

5: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के तहत अल्मोड़ा और चंपावत के लिए 6-6 पदों की स्वीकृति दी गई है।

6: 2024-25 की ऊर्जा विभाग की रिपोर्ट सदन में रखी जाएगी।

7: बागवानी मिशन के तहत एंटी हेलनेट पर भारत सरकार की 50% के साथ अब राज्य से 25% अतिरिक्त मिलेंगे।

8: दून विश्वविद्यालय में हिंदू अध्ययन केंद्र के लिए 6 नए पद सृजित किए गए हैं।

9: उपनल कर्मचारियों के लिए:

पूर्व में चरणों में समान कार्य समान वेतन के 12 वर्ष के बजाय 10 वर्ष पूरे करने वालों को समान कार्य समान वेतन 7000 से 8000 कर्मचारियों को मिलेगा। 2018 से पूर्व के बाकी को भी अलग से मिलेगा लाभ। भविष्य में उपनल के माध्यम से भूतपूर्व सैनिकों के लिए पुनर्वास कार्य ही किए जाएंगे।

10: सतेंद्र कुमार बनाम सीबीआई के तहत एनडीपीएस, पॉक्सो, के तहत विशेष न्यायालय बनेंगे। 16 न्यायालय बनेंगे, जिसमें 144 पद स्वीकृत हैं। देहरादून हरिद्वार नैनीताल और उधमसिंह नगर में 7 एडीजी, 9 एसीजेएम स्तर के न्यायालय होंगे।

11: उत्तराखंड की विधानसभा के शीतकालीन सत्र के लिए सीएम को निर्णय के लिए अधिकृत किया गया।

12: खनन विभाग: नंधौर व अन्य नदियों में खनन का आदेश संशोधित किया गया है।

13: विभिन्न खेल प्रतियोगिता के लिए विधायक स्तर की चैंपियन ट्रॉफी और एक लाख, सांसद स्तर पर चैंपियनशिप ट्राफी और 2 लाख, राज्य स्तर पर 5 लाख और ट्रॉफी मिलेगी।

14: ब्रिडकुल रोपवे, टनल व कैविटी पार्किंग, ऑटोमेटेड या मेकैनिकल पार्किंग भी बनाएगा।

15: बीएनएस की धारा 330 में दो पक्षों के सहमत होने पर विशेषज्ञ की जरूरत नहीं है। उसका एक फॉरमेट बनाने के लिए नियमावली को मंजूरी।

16: यूसीसी में संशोधन को मंजूरी। अध्यादेश आएगा। जनवरी 2025 से पूर्व शादी वालों को छह माह के बजाय एक साल में कराना होगा विवाह पंजीकरण। रजिस्ट्रार जनरल अब अपर सचिव लेवल के अधिकारी होंगे। समय से काम न करने पर फाइन के बजाय पेनाल्टी किया गया।

17: उत्तराखंड पर्यटन की नियमावली को मंजूरी, होम स्टे योजना का लाभ स्थानीय को ही मिलेगा। अब इसके लिए स्थायी निवास जरूरी होगा। ब्रेड एन्ड ब्रेकफास्ट ही करा सकेंगे बाहरी राज्यों के लोग। होम स्टे जैसा कोई लाभ नहीं मिलेगा।

18: केदारनाथ धाम में एक पायलट प्रोजेक्ट बनेगा। इसमें गोबर व चीड़ की पत्तियों से बायो मास पैलेट बनेंगे। पर्यटन विभाग करेगा।

19: वन निगम की रिपोर्ट सदन में रखने पर मुहर।

 

धामी कैबिनेट के ये फैसले कर्मचारियों के हित, न्याय व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण, शिक्षा, कृषि, पर्यटन और खेल विकास की दिशा में अहम माने जा रहे हैं। खासतौर पर उपनल कर्मचारियों को समान कार्य–समान वेतन पर मिली सहमति को सरकार का बड़ा और दूरगामी फैसला माना जा रहा है।