Uttarakhand की राजनीति के दिग्गज और घनसाली के पूर्व विधायक बलबीर सिंह नेगी का निधन, क्षेत्र में शोक की लहर

Uttarakhand: उत्तराखंड की राजनीति के एक युग का अंत हो गया है। घनसाली विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक रहे और उत्तर प्रदेश सरकार में पूर्व राज्यमंत्री बलबीर सिंह नेगी का आज लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उन्होंने देहरादून के कैलाश अस्पताल में अंतिम सांस ली।

उनके निधन की खबर फैलते ही पूरे टिहरी जनपद और विशेषकर घनसाली क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।

बूढ़ाकेदार की माटी से सत्ता के गलियारों तक

भगवान बूढ़ाकेदार की पावन धरती पर जन्मे बलबीर सिंह नेगी ने अपना जीवन जनता की सेवा के लिए समर्पित कर दिया था। उनकी पहचान एक ऐसे नेता के रूप में थी जो जमीन से जुड़े हुए थे और पंचायत स्तर से लेकर राज्य सरकार के महत्वपूर्ण पदों तक पहुंचे।

एक नजर उनके राजनैतिक सफर पर

बलबीर सिंह नेगी का राजनैतिक कद उनकी जनसेवा और प्रशासनिक पकड़ का प्रमाण था:

तीन बार विधायक: उन्होंने अविभाजित उत्तर प्रदेश के समय एक बार और उत्तराखंड राज्य बनने के बाद दो बार घनसाली विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया।

पूर्व राज्यमंत्री: उत्तर प्रदेश सरकार में उन्होंने राज्यमंत्री की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।

पंचायती राज के स्तंभ: वह दो बार घनसाली के ब्लॉक प्रमुख रहे और एक बार जिला पंचायत सदस्य (थाती) के रूप में भी सेवा दी।

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क्षेत्र में शोक की लहर

बलबीर सिंह नेगी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि क्षेत्र के लोगों के लिए एक अभिभावक समान थे। सामाजिक कार्यों में उनकी सक्रियता और स्थानीय मुद्दों पर उनकी बेबाक राय उन्हें अन्य नेताओं से अलग बनाती थी। उनके निधन पर मुख्यमंत्री सहित विभिन्न राजनैतिक दलों के नेताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया है।

समर्थकों और स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने घनसाली के विकास के लिए जो नींव रखी, उसे हमेशा याद किया जाएगा। उनका जाना उत्तराखंड की राजनीति के लिए एक अपूरणीय क्षति है।