Chamoli: तहसील कर्णप्रयाग के सिमली स्थित सिद्धपीठ श्री राज राजेश्वरी चंडिका देवी के कपाट विधि-विधान से श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ के लिए आज सुबह 6.15 पर खोले गए। माघ माह की संक्रांति को 15 दिनों के लिए मंदिर के कपाट बंद किए गए थे।
कपाटोद्घाटन पर मंदिर परिसर को फूल-मालाओं से सजाया गया था। मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत टकोला ने बताया कि श्री राजराजेश्वरी चंडिका देवी मंदिर के कपाटोद्घाटन की प्रक्रियाएं में कई श्रद्धालु मौजूद रहे। इस मौके पर मंदिर में पूजा अर्चना की गई।
बता दें कि सिमली का चंडिका देवी मंदिर या श्री राज राजेश्वरी चंडिका माता मंदिर शक्ति की प्रमुख देवी काली माता को समर्पित है। यहां के जिस पैतो मंदिर में इस समय चंडिका देवी विराजमान हैं, वह स्थान मूल रूप से गोविंद मठ है, जिसमें गोल गोविंद, गुणसाई, चंडिका देवी और राज राजेश्वरी देवी की मूर्तियाँ विराजमान हैं। यहां कुल 4 बड़े मंदिर हैं, जबकि कुछ छोटे मंदिर भी है।
यहां कैसे पहुँचें
चंडिका मंदिर उत्तराखंड के चमोली जिले में कर्णप्रयाग से लगभग 6 किलोमीटर दूर सिमली गांव में स्थित है। यह मंदिर पिंडार नदी के किनारे रमणीय स्थल पर बसा है और एक प्राचीन पीपल के वृक्ष की छाया में स्थित है। कर्णप्रयाग रानीखेत- ग्वालदम के मोटर योग्य मार्ग पर स्थित चंडिका देवी मंदिर तक देश के किसी भी हिस्से से आसानी से पहुंचा जा सकता है।
