Dehradun: अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए महापंचायत में उमड़ी भीड़, माता पिता भी पहुंचे, भाजपा ने किया पलटवार

Dehradun: राजधानी देहरादून में परेड ग्राउंड के बाहर अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए रविवार को महापंचायत हुई। जिसमें संयुक्त संघर्ष मंच के सदस्य व कांग्रेस समेत इंडिया गठबंधन के घटक दलों के अलावा राज्य आंदोलनकारियों समेत तमाम सामाजिक और जन सरोकारों से जुड़े संगठन शामिल हुए।

वहीं अंकिता भंडारी के माता पिता और पूर्व सीएम हरीश रावत भी महापंचायत में पहुंचे। इस दौरान कई प्रस्ताव पास किए गए।

महापंचायत के प्रस्ताव

– पंद्रह दिनों के भीतर यदि पीड़ित परिवार की शिकायत आगे नहीं बढ़ी तो महापंचायत होगी, राष्ट्रपति से मुलाकात होगी।

– अंकिता के माता-पिता के शिकायती पत्र को ही सीबीआई जांच के लिए शिकायती पत्र माना जाए।

– पर्यावरणविद् अनिल जोशी की तरफ से कराई गई एफआईआर रदद की जाए।

– भाजपा नेता को जांच के दायरे में लाया जाए और निष्कासित किया जाए।

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हरदा ने लगाया आरोप 

महापंचायत में पहुंचे राज्य के पूर्व सीएम हरीश रावत ने बीजेपी की सरकार की नीति और नियत पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मौजूदा वक्त में जो जांच की जा रही उसमें अंकिता को न्याय मिलना मुश्किल है।

भाजपा का पलटवार

वहीं अंकिता भंडारी केस को लेकर दून में आयोजित महापंचायत पर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और पार्टी के सांसद महेंद्र भट्ट ने प्रतिक्रिया दी है। महेंद्र भट्ट का कहना है कि महापंचायत का कोई अर्थ नहीं है और ना ही कोई औचित्य है। सीबीआई की जांच की जा रही है, कुछ लोग अंकिता केस को राजनीतिक मुद्दा बनाना चाहते हैं। इसमें कुछ कहने को है नहीं, इसमें सिर्फ राजनीतिक रोटियां सेंकी जा रही है। जनता विधानसभा चुनाव में ऐसे लोगों को जवाब देगी।