Uttarakhand Budget Session: उत्तराखंड विधानसभा में वार्षिक आर्थिक बजट 2026-27 पारित करने के लिए सोमवार को राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह के अभिभाषण के साथ बजट सत्र की शुरूआत हुई। राज्यपाल ने विपक्षी विधायकों की नारेबाजी के बीच राज्य के विकास को सरकार के भावी रोड़मैप और अब तक प्राप्त उपलब्धियों का ब्यौरा दिया। अभिभाषण के बाद उन्होंने विधान भवन की गैलरी में प्रदर्शित प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
राज्यपाल ने सर्वप्रथम राज्य निर्माण के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने प्रदेश की अप्रतिम विकास यात्रा में सम्मिलित सभी राज्य आन्दोलनकारियों तथा देवभूमि वासियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड को एक आदर्श राज्य के रूप में विकसित करने में दिए जा रहे सहयोग के लिए प्रदेश की मातृशक्ति, युवा शक्ति, अन्नदाता, उद्यमी और पूर्व सैनिकों की महत्वपूर्ण भागीदारी से देवभूमि समृद्धि और सशक्तिकरण के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने इसे सौभाग्य का विषय बताया कि एक से 11 नवंबर, 2025 तक ‘राज्य स्थापना रजत जयंती उत्सव’ मनाया गया और नौ नवंबर को देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गरिमामयी उपस्थिति में राज्य गठन के 25 वर्ष की उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया।
उन्होंने रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में राष्ट्रपति के संबोधन के साथ विधानसभा का‘विशेष सत्र’आहूत किए जाने और उसमें राज्य की प्रगति एवं भविष्य के रोड मैप के संबंध में विशेष चर्चा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभिन्न क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां अर्जित की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हम आगामी वर्ष में विकास की नई ऊंचाईयों को प्राप्त करेंगे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार विकसित और आत्मनिर्भर उत्तराखंड के निर्माण के लिए द्दढ़ संकल्प से कार्य कर रही है। यह कालखंड आर्थिक समृद्धि, सामाजिक न्याय, महिला कल्याण एवं सशक्तिकरण तथा अवस्थापना संरचना की द्दष्टि से स्वर्णिम काल है।
ले. जनरल (सेवानिवृत्त) सिंह ने कहा कि हमारी सरकार प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में सरलीकरण, समाधान एवं निस्तारीकरण के मार्ग पर पारदर्शिता के साथ निरंतर आगे बढ़ रही है। राष्ट्र को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के क्रम में देवभूमि उत्तराखंड भी मातृशक्ति, मूक बधिर, युवा शक्ति, कर्मठ अन्नदाता व उद्यमी आदि की महत्वपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित कर रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार अवसंरनात्मक विकास के लिए विशेष प्रयास कर रही है। ‘विकास भी, विरासत भी’ को आधार मानकर हमारी सरकार संतुलित विकास, आत्मनिर्भरता और समृद्धि की अवधारणा को प्रशस्त कर रही है।
राज्यपाल ने प्रसन्नता जताई कि राज्य में समान नागरिक संहिता 27 जनवरी, 2025 से विधिवत प्रभावी है। इसके अंतर्गत नौ सेवाएं ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध कराई गई हैं तथा पांच लाख 27 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 99 प्रतिशत से अधिक का निस्तारण किया जा चुका है। राज्य में 15,000 से अधिक कॉमन सर्विस सेंटरों के माध्यम से इन सेवाओं की पहुंच ग्राम स्तर तक सुनिश्चित की गई है। राज्य सरकार समानता, पारदर्शिता एवं सुशासन के संवैधानिक आदर्शों के प्रति पूर्णत: प्रतिबद्ध है।
राज्यपाल ने सरकार की उपलब्धि गिनाते हुए कहा कि सरकार ‘जन-जन की सरकार की अवधारणा के अनुरूप शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी एवं नागरिक केंद्रित बनाने हेतु प्रतिबद्ध है। लोक सेवाओं की डिजिटल उपलब्धता, समयबद्ध शिकायत निवारण तंत्र तथा प्रशासनिक प्रक्रियाओं के सरलीकरण के माध्यम से सुशासन के सिद्धांतों को प्रभावी रूप से क्रियान्वित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान को न्याय पंचायत स्तर पर ले जाने का अभिनव प्रयास किया है। इसके अंतर्गत 660 से अधिक शिविरों का आयोजन किया गया, जिनके माध्यम से 51000 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिसमें से लगभग 33,900 शिकायतों को निस्तारित किया गया है। शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण से जनविश्वास सुद्दढ़ हुआ है।
कहा कि परीक्षा प्रणाली की शुचिता सुनिश्चित करने हेतु कठोर विधिक प्रावधान लागू किए गए हैं। अनियमितताओं के मामलों में सतकर्ता विभाग द्वारा प्रभावी जांच एवं अभियोजन की कारर्वाई की गई है तथा भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति के अंतर्गत दोषियों के विरुद्ध दंडात्मक कारर्वाई सुनिश्चित की गई है।
