Uttarakhand: चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों के वितरण के लिए नई एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) लागू कर दी है, ताकि होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को गैस की आपूर्ति में कोई बाधा न आए।

नई व्यवस्था के तहत राज्य में प्रतिदिन लगभग 2650 व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की मांग निर्धारित की गई है। इसमें रेस्टोरेंट और ढाबों के लिए 37 प्रतिशत (करीब 1000 सिलेंडर) तथा होटल और रिजॉर्ट के लिए 28 प्रतिशत (करीब 750 सिलेंडर) का आवंटन तय किया गया है।
इसके अलावा फार्मास्युटिकल संस्थानों को 7 प्रतिशत, सरकारी व अर्द्धसरकारी गेस्टहाउस और औद्योगिक कैंटीन को 6–6 प्रतिशत, जबकि डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों, होम स्टे और स्वयं सहायता समूहों को 5–5 प्रतिशत सिलेंडर आवंटित किए गए हैं।

जिलावार वितरण में देहरादून को सबसे अधिक 31 प्रतिशत, जबकि हरिद्वार और नैनीताल को 13–13 प्रतिशत, उधमसिंह नगर को 9 प्रतिशत आवंटन दिया गया है। अन्य जिलों के लिए भी आवश्यकता के अनुसार सिलेंडरों का कोटा तय किया गया है।
सरकार ने आईओसीएल, बीपीसीएल और एचपीसीएल समेत सभी तेल कंपनियों को अपनी बाजार हिस्सेदारी के अनुसार गैस की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, साथ ही सभी जिलाधिकारियों को भी इस व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
