Champawat में 16 साल की नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म, बुजुर्ग पिता बोले- ‘दरिंदों का खून पीने से मिलेगा सुकून

Champawat: चंपावत के सल्ली क्षेत्र में हथियारों के बल पर 16 वर्षीय नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। क्षेत्र के ही तीन युवकों ने मिलकर दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया।

क्रूरता इस कदर रही कि दुष्कर्म के बाद जब उसने अपने घर फोन करने का प्रयास किया तो आरोपितों ने उसके साथ मारपीट उसके हाथ पैर बांधकर कमरे में ताला लगाकर चले गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उसे कमरे से निकाला। साथ ही एक आरोपित को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है। शेष फरार हैं।

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तीन युवकों ने किया सामूहिक दुष्कर्म

कोतवाली क्षेत्र निवासी एक 10वीं की छात्रा पढ़ाई के साथ ही चंपावत में आइसक्रीम पार्लर में काम कर परिवार का भरण पोषण एवं बीमार पिता का उपचार कराती है। बुधवार को सल्ली गांव में उसकी सहेली की शादी थी। इससे पहले मंगलवार को मेहंदी और महिला संगीत कार्यक्रम था। जिसमें शामिल होने के लिए गई।

पीड़िता के पिता ने बताया कि रात के करीब डेढ़ बजे उसकी लड़की का एक कॉल आया, लेकिन कुछ ही देर के बाद फोन बंद हो गया। जिसपर ग्रामीणों और स्वजन ने पुलिस को सूचित किया। सूचना पर पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर लड़की को एक कमरे बंद कमरे से बरामद किया। जिसमें रस्सी से उसके हाथ पैर बंधे और निर्वस्त्र मिली। पुलिस ने पीड़िता को मेडिकल के लिए भेज दिया है, साथ ही उसके पिता की तहरीर पर आगे की कार्रवाई कर रही है।

भाजपा मंडल उपाध्यक्ष, पूर्व ग्राम प्रधान सहित तीन पर आरोप

इधर तहरीर देने के दौरान दोनों पक्षों के बीच कोतवाली के अंदर ही जमकर लात घूसे चले। जिसपर हड़कंप मच गया। पुलिस ने बलपूर्वक लोगों को हटाया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर पूरन सिंह रावत, विनोद सिंह रावत, नवीन सिंह रावत के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 70(2) (दुष्कर्म), 127(2), 351(2) और पॉक्सो एक्ट की धारा 5/6 के तहत अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है।

पूछताछ में पता चला है कि आरोपित पूरन सिंह रावत पूर्व प्रधान है और भाजपा में मंडल उपाध्यक्ष पद भी है। दूसरा आरोपित नवीन डेयरी का काम करता है और तीसरा आरोपित विनोद प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा है। बताया जा रहा है कि छात्र और पूर्व प्रधान चाचा भतीजा हैं।

पीड़िता के पिता का दर्द 

पीड़िता के पिता ने बताया कि उसे कोई संतान न थी और 52 वर्ष की आयु में वह पुत्री का पिता बना। जिसके छह माह बाद ही उसकी मां बीमारी के चलते चल बसीं। तबसे उसने ही पाला है। जब कोतवाली में शिकायत लिखने के दौरान बुजुर्ग पिता ने अपनी बेटी के लिए खैरियत पूछी। साथ ही एक ही विनती करता रहा, कि मेरा पैर ठीक नहीं है, कमर के नीचे से अशक्त हूं, इसलिए मुझे एक बार उन दरिंदों के पास ले चलो, मैं बस उनका खून पीना चाहता हूं, तब सुकुन मिलेगा।