Uttarakhand: चंपावत कथित गैंगरेप केस पर सियासत तेज, दोनों पार्टियों ने लगाए गंभीर आरोप

Uttarakhand: चंपावत के कथित नाबालिग गैंगरेप मामले को लेकर उत्तराखंड की राजनीति गरमा गई है। मामले को लेकर प्रदेश में बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने आ गई हैं। एक ओर कांग्रेस ने धामी सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं, वहीं बीजेपी ने इसे कांग्रेस की सुनियोजित राजनीतिक साजिश करार दिया है।

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भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत भारद्वाज ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि एक कथित घटना को राजनीतिक रंग देकर कांग्रेस प्रदेश का माहौल खराब करने की कोशिश कर रही है, जबकि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों में इस प्रकार की घटना की पुष्टि नहीं हुई है।

दीप्ति रावत ने कहा कि बीजेपी सरकार प्रदेश और देश की बेटियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है, लेकिन किसी संवेदनशील मामले का राजनीतिकरण करना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने इस मामले में एक छात्र के भविष्य से भी खिलवाड़ करने का प्रयास किया।

उन्होंने दावा किया कि पुलिस जांच, लोकेशन और मेडिकल रिपोर्ट में कथित घटना की पुष्टि नहीं हुई है। साथ ही कांग्रेस नेताओं के लगातार बदलते बयानों पर सवाल उठाते हुए बीजेपी ने इसे सरकार और संगठन की छवि खराब करने की साजिश बताया।

वहीं दूसरी ओर राजधानी देहरादून में महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर धामी सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने कहा कि देवभूमि में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं और जिस चंपावत को मुख्यमंत्री की कर्मस्थली माना जाता है, वहां ऐसी घटनाएं बेहद शर्मनाक हैं।

ज्योति रौतेला ने आरोप लगाया कि सरकार मामले को दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने पीड़िता को जल्द न्याय दिलाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। महिला कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि पीड़िता को न्याय नहीं मिला तो प्रदेशभर में आंदोलन किया जाएगा।

फिलहाल यह मामला अब राजनीतिक रंग पकड़ चुका है और प्रदेश में महिला सुरक्षा को लेकर बहस तेज हो गई है। दूसरी ओर पुलिस प्रशासन मामले की जांच जारी होने की बात कह रहा है।