IMA POP: 16 देशों के विदेशी कैडेटों के साथ भारतीय सेना को मिले 481 नए युवा अधिकारी, IMA में रचा गया इतिहास, राष्ट्रपति ने दिया राष्ट्रसेवा का संदेश

IMA POP: देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) में आयोजित ऐतिहासिक पासिंग आउट परेड (Passing Out Parade) में भारतीय सेना को 481 नए युवा सैन्य अधिकारी मिले हैं। इनके साथ ही 16 मित्र देशों के 34 विदेशी कैडेटों ने भी अपना प्रशिक्षण पूरा किया। इस प्रकार, कुल 515 कैडेट पास आउट होकर अपनी-अपनी सेनाओं का हिस्सा बने।

Dehradun: IMA Passing Out Parade में शामिल हुईं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, नव सैन्य अधिकारियों को दी शुभकामनाएं

IMA के इतिहास में नया अध्याय

आईएमए के 94 वर्षों के इतिहास में यह पहला अवसर था जब 9 महिला कैडेट्स ने पुरुष कैडेट्स के साथ ‘अंतिम पग’ पार कर भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में कदम रखा।उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए जेंटलमैन कैडेट विशाल कुमार को प्रतिष्ठित ‘स्वॉर्ड ऑफ ऑनर’ से सम्मानित किया गया।

राष्ट्रपति एवं सशस्त्र सेनाओं की सर्वोच्च कमांडर द्रौपदी मुर्मू ने मुख्य अतिथि एवं समीक्षा अधिकारी के रूप में परेड की सलामी ली और नवप्रशिक्षित सैन्य अधिकारियों को शुभकामनाएं दीं।

सैन्य अधिकारी देश की आकांक्षाओं के भी संरक्षक: राष्ट्रपति

अपने संबोधन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि भारतीय सेना के अधिकारी केवल देश की सीमाओं के प्रहरी नहीं हैं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के विश्वास, सम्मान और आकांक्षाओं के भी संरक्षक हैं। उन्होंने युवा अधिकारियों से कर्तव्यनिष्ठा, समर्पण, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ देश सेवा करने का आह्वान किया।

राष्ट्रपति ने कहा कि तेजी से बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य और आधुनिक तकनीक के दौर में भारतीय सेना को नवाचार, आधुनिकता और अनुकूलनशीलता के साथ आगे बढ़ना होगा।

पहली बार 9 महिला कैडेट हुईं पास आउट

इस वर्ष की पासिंग आउट परेड कई मायनों में ऐतिहासिक रही। पहली बार भारतीय सैन्य अकादमी से 9 महिला कैडेटों ने सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा कर भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में प्रवेश किया।

राष्ट्रपति ने इसे महिला सशक्तिकरण, समान अवसर और विकसित भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि देश में नारी शक्ति की बढ़ती भागीदारी और क्षमता का प्रतीक है।

16 मित्र देशों के 34 विदेशी कैडेट भी हुए पास आउट

इस बार परेड में 481 भारतीय कैडेटों के साथ 16 मित्र देशों के 34 विदेशी कैडेट भी पास आउट हुए। राष्ट्रपति ने इसे भारत की वैश्विक मित्रता, आपसी विश्वास और अंतरराष्ट्रीय रक्षा सहयोग का मजबूत उदाहरण बताया।

उन्होंने कहा कि भारत की सैन्य प्रशिक्षण परंपरा विश्वभर में सम्मानित है और मित्र देशों के कैडेटों की भागीदारी दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत बनाती है।

राज्यपाल और मुख्यमंत्री भी रहे मौजूद

इस अवसर पर उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, भारतीय सैन्य अकादमी के समादेशक लेफ्टिनेंट जनरल नागेन्द्र सिंह, सेना एवं नागरिक प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, गणमान्य अतिथि तथा बड़ी संख्या में परिजन और नागरिक उपस्थित रहे।

राष्ट्र की सुरक्षा का संकल्प लेकर निकले नए अधिकारी

पासिंग आउट परेड के समापन के साथ ही नवप्रशिक्षित सैन्य अधिकारियों ने भारतीय सेना में अपनी नई जिम्मेदारियों की शुरुआत की। राष्ट्रपति ने सभी अधिकारियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि वे देश की सुरक्षा, सम्मान और अखंडता की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

भारतीय सैन्य अकादमी की यह पासिंग आउट परेड न केवल नए सैन्य अधिकारियों के जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव बनी, बल्कि महिला सशक्तिकरण और भारत की सैन्य परंपराओं के लिए भी एक ऐतिहासिक क्षण के रूप में याद की जाएगी।