CM Dhami @5: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 4 जुलाई 2026 को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में लगातार पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा कर राज्य की राजनीति में नया इतिहास रच दिया है। 4 जुलाई 2021 को पहली बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले धामी अब भारतीय जनता पार्टी के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बन गए हैं, जिन्होंने उत्तराखंड में लगातार पांच वर्षों तक सरकार का नेतृत्व किया है। इतना ही नहीं, 9 जुलाई 2026 को वह पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय नारायण दत्त तिवारी के सबसे लंबे कार्यकाल का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ने वाले हैं।
पहला रिकॉर्ड: भाजपा के पहले मुख्यमंत्री जिन्होंने पूरे किए लगातार 5 साल
उत्तराखंड बनने के बाद कई मुख्यमंत्री बदले, लेकिन कोई भी भाजपा का मुख्यमंत्री लगातार पांच वर्ष तक पद पर नहीं रह सका। पुष्कर सिंह धामी ने यह उपलब्धि हासिल कर पार्टी के भीतर भी नया इतिहास बना दिया है।
दूसरा रिकॉर्ड: सबसे लंबे कार्यकाल वाले मुख्यमंत्री बनने की ओर
9 जुलाई 2026 को धामी पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय एन.डी. तिवारी के सबसे लंबे कार्यकाल का रिकॉर्ड तोड़ देंगे। एन.डी. तिवारी अब तक उत्तराखंड के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेता रहे हैं।
तीसरा रिकॉर्ड: देश में सबसे पहले लागू की समान नागरिक संहिता (UCC)
उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना जहां 27 जनवरी 2025 से समान नागरिक संहिता (UCC) लागू हुई। विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए वादे को धामी सरकार ने सत्ता में लौटते ही पहली कैबिनेट बैठक में आगे बढ़ाया और रिकॉर्ड समय में लागू किया। एक वर्ष के भीतर लगभग 5 लाख लोगों ने UCC के तहत आवेदन किए।
चौथा रिकॉर्ड: देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून
पेपर लीक मामलों के बाद धामी सरकार ने फरवरी 2023 में उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम लागू किया। इस कानून में दोषियों के लिए आजीवन कारावास और 10 करोड़ रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया गया, जिसे देश के सबसे कड़े नकल विरोधी कानूनों में गिना जाता है।
पांचवां रिकॉर्ड: सख्त फैसलों से अलग पहचान
धामी सरकार ने धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगारोधी कानून और सख्त भू-कानून लागू किए। अवैध अतिक्रमण, अवैध मदरसों और सरकारी भूमि पर कब्जों के खिलाफ अभियान चलाया गया। सरकार के अनुसार हजारों एकड़ सरकारी भूमि अतिक्रमण से मुक्त कराई गई और 250 से अधिक अवैध मदरसों पर कार्रवाई की गई।
आर्थिक विकास में भी मजबूत प्रदर्शन
पिछले पांच वर्षों में उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। राज्य का GSDP लगभग 3.81 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचा, जबकि प्रति व्यक्ति आय 2.73 लाख रुपये हो गई। नीति आयोग के निर्यात तैयारी सूचकांक 2024 में छोटे राज्यों की श्रेणी में उत्तराखंड पहले स्थान पर रहा। वहीं SDG Index 2023-24 में भी राज्य ने शीर्ष राज्यों में जगह बनाई।
पर्यटन और चारधाम यात्रा को मिली नई गति
धामी सरकार ने पर्यटन को रोजगार का प्रमुख आधार बनाया। चारधाम यात्रा में रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। पहली बार शीतकालीन चारधाम यात्रा को विशेष अभियान के रूप में बढ़ावा दिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं मुखवा पहुंचे, जिससे इस पहल को राष्ट्रीय पहचान मिली।
मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत कुमाऊं के 48 मंदिरों और गुरुद्वारों को धार्मिक पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित किया जा रहा है।
इन्फ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा निवेश
सरकार ने धार्मिक पर्यटन और कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए कई महत्वाकांक्षी परियोजनाएं शुरू की हैं। इनमें सोनप्रयाग-केदारनाथ 12.9 किलोमीटर रोपवे (₹4,081 करोड़) और गोविंदघाट-हेमकुंड साहिब 12.4 किलोमीटर रोपवे (₹2,730 करोड़) जैसी परियोजनाएं शामिल हैं। सड़क, रेल और हवाई संपर्क के विस्तार पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है।
धाकड़-धुरंधर’ की पहचान
अपने कार्यकाल में लिए गए कई बड़े और कड़े फैसलों के कारण रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को “धाकड़ और धुरंधर धामी” की उपाधि दी थी। इसके बाद यह पहचान राजनीतिक और जनसामान्य दोनों स्तरों पर व्यापक रूप से चर्चित हुई।
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पांच वर्षों के कार्यकाल में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कई ऐसे फैसले लिए, जिनकी राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा हुई। लगातार पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा करना, UCC लागू करना, सख्त नकल विरोधी कानून, धार्मिक पर्यटन को नई दिशा देना और आधारभूत ढांचे पर बड़े निवेश जैसे कदम उनकी सरकार की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल हैं। अब 9 जुलाई को सबसे लंबे कार्यकाल वाले मुख्यमंत्री का रिकॉर्ड बनने के साथ उत्तराखंड की राजनीति में उनके नाम एक और ऐतिहासिक उपलब्धि जुड़ने जा रही है।
