Chamoli Tunnel Accident: आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक ने टीएचडीसी टनल में पहुंचकर लिया रेस्क्यू अभियान का जायजा,श्रमिक प्रतिनिधिमंडल से भी की बातचीत

Chamoli TunnelAccident: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल, हाट-सियासैण, मायापुर (पीपलकोटी) में फंसे श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू एवं राहत अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री, उत्तराखंड सरकार मदन कौशिक ने शनिवार को घटनास्थल पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने टनल के भीतर चल रहे बचाव कार्यों की प्रगति का जायजा लेते हुए मौके पर तैनात रेस्क्यू टीमों एवं अधिकारियों से अभियान की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली।

मंत्री मदन कौशिक ने रेस्क्यू अभियान में जुटी टीमों द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो तथा उपलब्ध सभी संसाधनों और मशीनरी का समन्वित एवं प्रभावी ढंग से उपयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि टनल में फंसे प्रत्येक श्रमिक की जान बेहद कीमती है और सभी श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

 

शनिवार को रेस्क्यू अभियान के दौरान श्रमिक देवनाथ पुत्र धनसुराम को टनल से बाहर निकाला गया। बाहर निकालने के बाद चिकित्सकों द्वारा उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिसमें उन्हें मृत घोषित किया गया। इस घटना के बाद अब तक कुल 22 श्रमिकों में से 12 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जबकि 8 श्रमिकों की दुखद मृत्यु हो चुकी है। वहीं 2 श्रमिकों की खोजबीन एवं सुरक्षित रेस्क्यू के प्रयास लगातार जारी हैं।

Chamoli टनल हादसा: एक और श्रमिक का शव बरामद, दो की तलाश जारी

मंत्री ने टनल के भीतर जल निकासी, रेस्क्यू ऑपरेशन की प्रगति, उपलब्ध मशीनरी एवं तकनीकी संसाधनों के संबंध में अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने जल निकासी कार्य में तेजी लाने तथा टनल के भीतर रेस्क्यू टीमों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी उपलब्ध संसाधनों और मशीनरी का बेहतर समन्वय करते हुए रेस्क्यू अभियान को और तेज एवं प्रभावी बनाया जाए।

 

मंत्री कौशिक ने रेस्क्यू टीमों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद सभी टीमें पूरी तत्परता और समर्पण के साथ अभियान में जुटी हैं। उन्होंने कहा कि शेष दो श्रमिकों की खोज एवं सुरक्षित रेस्क्यू के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं और अभियान लगातार जारी रहेगा।

श्रमिकों के हितों को लेकर संवेदनशील सरकार : मंत्री मदन कौशिक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में राज्य सरकार टीएचडीसी टनल हादसे से प्रभावित श्रमिकों एवं उनके परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता के साथ खड़ी है। राहत एवं बचाव अभियान के साथ-साथ प्रभावित श्रमिकों एवं उनके परिजनों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए सरकार द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री, उत्तराखंड सरकार मदन कौशिक ने शनिवार को हाट-सियासैण, मायापुर (पीपलकोटी) स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में कार्यरत हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी ई लिमिटेड, विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना, पीपलकोटी श्रमिकों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर उनकी समस्याएं एवं मांगें सुनीं।

 

‌प्रतिनिधिमंडल ने टनल हादसे के बाद श्रमिकों एवं उनके परिवारों के समक्ष उत्पन्न परिस्थितियों से मंत्री को अवगत कराया तथा प्रभावित परिवारों के लिए उचित आर्थिक सहायता एवं दीर्घकालिक राहत की मांग रखी।श्रमिक प्रतिनिधिमंडल ने आर्थिक सहायता के साथ, आजीविका की दीर्घकालिक व्यवस्था, घायल श्रमिकों को आर्थिक सहायता देने के साथ निःशुल्क उपचार की मांग के साथ प्रतिनिधिमंडल ने हादसे की निष्पक्ष जांच की मांग भी रखी है।

 

मंत्री मदन कौशिक ने श्रमिक प्रतिनिधिमंडल की सभी बातों को गंभीरता से सुना और कहा कि श्रमिकों की सुरक्षा एवं उनके हित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में हैं। उन्होंने कहा कि हादसे में प्रभावित श्रमिकों एवं उनके परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से श्रमिकों द्वारा रखी गई मांगों एवं वर्तमान व्यवस्थाओं की जानकारी भी ली।मंत्री ने कहा कि राहत एवं बचाव अभियान के साथ-साथ प्रभावित श्रमिकों और उनके परिजनों की आवश्यकताओं का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि घायलों के उपचार, प्रभावित परिवारों से समन्वय तथा उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की कमी न रहे।

 

इस दौरान थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, महामंत्री भाजपा विनोद कनवासी, जिलाधिकार गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश, टीएचडीसी के अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी व प्रतिनिधि मण्डल के सदस्य मौजूद रहे।