Champawat: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बनबसा, चम्पावत स्थित मिनी स्टेडियम में बैडमिंटन कोर्ट सहित विभिन्न विकास कार्यों का शुभारंभ एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने खिलाड़ियों को खेल किट एवं पुरस्कार वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को सम्मानित करना उनके परिश्रम और समर्पण का सम्मान है। उन्होंने युवाओं से खेलों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने, नशे से दूर रहने और अनुशासनपूर्ण जीवन अपनाने का आह्वान किया।
खेल सुविधाओं के विस्तार का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लोहाघाट में लगभग ₹256.97 करोड़ की लागत से विकसित किया जा रहा महिला स्पोर्ट्स कॉलेज प्रदेश की महिला खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इससे खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलेगा और खेल के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा मिलेगा।
स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के संबंध में उन्होंने कहा कि क्षेत्र में विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं, नियमित स्वास्थ्य जांच और निःशुल्क दवा वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इसके अतिरिक्त, जनपद में ₹20 करोड़ की लागत से बनने वाला 50 शैय्यायुक्त क्रिटिकल केयर ब्लॉक गंभीर रोगियों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उन्होंने कहा कि टनकपुर में लगभग ₹237.74 करोड़ की लागत से विकसित किया जा रहा आधुनिक अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (ISBT) क्षेत्र की परिवहन एवं संपर्क व्यवस्था को मजबूत करेगा। वहीं, मां पूर्णागिरि धाम और शारदा कॉरिडोर से संबंधित विकास कार्य धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर सृजित करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बनबसा के चूना भट्ठा स्थित स्वतंत्रता सेनानी कैप्टन करम चन्द स्टेडियम में चार विकास कार्यों का शिलान्यास भी किया। इसके अतिरिक्त, कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के अंतर्गत ₹150.20 लाख की लागत से बैडमिंटन हॉल का निर्माण किया जाएगा। इन कार्यों से स्टेडियम में खेल सुविधाओं का विस्तार होगा तथा खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए बेहतर आधारभूत ढांचा उपलब्ध होगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बालिका वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली साधना और बालक वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले जतिन चंद को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने भारत सरकार के उपक्रम NHPCL के टनकपुर पावर स्टेशन द्वारा CSR के अंतर्गत वन प्रभाग हल्द्वानी और वन प्रभाग चम्पावत को उपलब्ध कराए गए तीन टाटा योद्धा वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन वाहनों से वन विभाग के कार्यों को सुगम बनाने के साथ वन एवं पर्यावरण संरक्षण संबंधी गतिविधियों को गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद चम्पावत के बनबसा में नशामुक्त देवभूमि उत्तराखण्ड के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से आयोजित ‘नशामुक्ति सद्भावना दौड़’ में प्रतिभाग किया। उन्होंने युवा बालक-बालिकाओं की दौड़ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और युवाओं से नशे के दुष्प्रभावों से दूर रहकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने पाटनी तिराहे पर विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना कर लगभग 11 फीट ऊंची भगवान श्री हनुमान जी की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर आयोजित सुंदरकांड पाठ में उन्होंने श्रद्धापूर्वक सहभागिता की। इस दौरान ‘जय श्री राम कीर्तन मंडल’ की ओर से प्रस्तुत भजनों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। मुख्यमंत्री ने पाटनी तिराहे का नाम बदलकर ‘हनुमान चौक’ किए जाने की घोषणा भी की।
उन्होंने प्रदेशवासियों को नवरात्रि एवं दशहरा पर्व की शुभकामनाएं देते हुए मां भगवती, भगवान श्रीराम और श्री हनुमान जी से सभी के सुख, समृद्धि एवं कल्याण की कामना की। उन्होंने मातृशक्ति के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि महिलाओं की भागीदारी राज्य की उन्नति और प्रगति का महत्वपूर्ण आधार है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने के लिए प्रदेश सरकार निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ के संकल्प को धरातल पर उतारने के साथ ही युवाओं को समान अवसर उपलब्ध कराने और प्रदेश के समग्र विकास को गति देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
उत्तराखण्ड को देवभूमि के साथ-साथ वीरभूमि और सैन्यभूमि बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार देश की रक्षा में समर्पित वीर सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। सैनिकों के सम्मान, उनके परिवारों के हितों की रक्षा और प्रदेश की गौरवशाली सैन्य परंपरा को आगे बढ़ाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
प्रदेश सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सरकारी एवं सार्वजनिक भूमि पर किए गए अतिक्रमण के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए सैकड़ों एकड़ भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराया गया है। वहीं, देश के सबसे सख्त नकल-विरोधी कानून के प्रभावी क्रियान्वयन से भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है। इसके परिणामस्वरूप अब तक प्रदेश के 33,000 से अधिक युवाओं को योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरी मिली है।
कार्यक्रम के समापन पर मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं एवं जनसमुदाय के बीच पहुंचकर प्रसाद वितरित किया। इस दौरान उन्होंने लोगों से आत्मीय संवाद किया, उनका हालचाल जाना और बुजुर्गों का आशीर्वाद प्राप्त किया।
