उत्तराखंड परिवहन निगम के बेड़े में शामिल हुईं 59 नई बसें, सीएम धामी ने दिखाई हरी झंडी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास से उत्तराखण्ड परिवहन निगम की 59 नई साधारण बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। बीएस-06 उत्सर्जन मानकों के अनुरूप इन नई बसों के परिवहन निगम के बेड़े में शामिल होने से प्रदेश की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी। साथ ही यात्रियों को सुरक्षित, सुगम एवं सुविधाजनक परिवहन सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन सेवाओं के विस्तार एवं आधुनिकीकरण के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। विशेष रूप से पर्वतीय एवं दुर्गम क्षेत्रों में बेहतर आवागमन सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अंतिम छोर पर बसे गांवों तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए सड़क संपर्क के साथ ही सुदृढ़ सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था भी आवश्यक है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवहन निगम के बेड़े में नई बसों के शामिल होने से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और विभिन्न क्षेत्रों के बीच संपर्क मजबूत होगा। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र को बेहतर कनेक्टिविटी से जोड़ा जाए, ताकि स्थानीय निवासियों के साथ ही पर्यटकों को भी सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।

 

उत्तराखण्ड परिवहन निगम की इन 59 नई बसों का आवंटन प्रदेश के तीन मंडलों में किया गया है। इनमें नैनीताल मंडल को 19, टनकपुर मंडल को 20 तथा देहरादून मंडल को 20 बसें आवंटित की गई हैं। इन बसों का संचालन आवश्यकता के अनुरूप विभिन्न मार्गों पर किया जाएगा, जिससे आमजन को बेहतर परिवहन सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

 

वर्तमान में उत्तराखण्ड परिवहन निगम के बेड़े में कुल 1,276 बसें संचालित हैं, जिनमें निगम की अपनी 891 तथा 385 अनुबंधित बसें शामिल हैं। नई बसों के शामिल होने से निगम की सेवाओं को और मजबूती मिलेगी। आधुनिक बीएस-06 उत्सर्जन मानकों के अनुरूप ये बसें पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी सकारात्मक योगदान देंगी।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड जैसे पर्वतीय राज्य में सार्वजनिक परिवहन का विशेष महत्व है। बेहतर परिवहन सेवाओं से आमजन को आवागमन में सुविधा मिलने के साथ ही दूरस्थ क्षेत्रों में आर्थिक एवं सामाजिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलता है। राज्य सरकार परिवहन सेवाओं को अधिक सुरक्षित, विश्वसनीय और सुविधाजनक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

 

मुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग एवं उत्तराखण्ड परिवहन निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। उन्होंने प्रदेशवासियों, विशेषकर पर्वतीय क्षेत्रों के निवासियों को नई बस सेवाओं के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकार का प्रयास है कि उत्तराखण्ड का प्रत्येक क्षेत्र बेहतर परिवहन सुविधाओं से जुड़े और विकास की यात्रा में कोई भी क्षेत्र पीछे न रहे।

हरिद्वार के दो अस्पतालों के लिए चिकित्सा उपकरण रवाना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय परिसर से आगामी कुम्भ मेला-2027 के दृष्टिगत हरिद्वार के मेला चिकित्सालय एवं भूपतवाला चिकित्सालय के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य उपकरणों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कृषि उद्योग विकास परिषद के कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के अंतर्गत उपलब्ध कराए जा रहे इन उपकरणों का उद्देश्य कुम्भ क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करना तथा श्रद्धालुओं को बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी कुम्भ मेला-2027 में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के हरिद्वार पहुंचने की संभावना है। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुविधा सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि कुम्भ मेले के सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जा रहा है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर श्रद्धालुओं को समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा सके।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेला क्षेत्र में चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के साथ ही आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को भी सुदृढ़ किया जाना आवश्यक है। मेला चिकित्सालय एवं भूपतवाला चिकित्सालय के लिए उपलब्ध कराए जा रहे चिकित्सा उपकरण आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्राथमिक उपचार प्रदान करने और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायक होंगे।

 

मुख्यमंत्री ने कृषि उद्योग विकास परिषद की इस जनहितकारी पहल की सराहना करते हुए कहा कि कुम्भ जैसे बड़े धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन में सामाजिक संस्थाओं और विभिन्न संगठनों की सहभागिता महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्थाएं विकसित करने में मदद मिलती है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कुम्भ मेला-2027 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सुविधाजनक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी संबंधित विभागों और संस्थाओं के समन्वित प्रयासों से कुम्भ मेले का सफल आयोजन सुनिश्चित किया जाएगा।