Chamoli: आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के लिए जनपद में Mock Drill का अभ्यास 

Chamoli: जनपद चमोली में बुधवार को आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने एवं विभिन्न विभागों के समन्वय को मजबूत करने के उद्देश्य से एक व्यापक मॉक अभ्यास (Mock Drill) का आयोजन किया गया। इस अभ्यास में विभिन्न आपदा परिदृश्यों को शामिल करते हुए त्वरित प्रतिक्रिया एवं राहत-बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया।

इस दौरान अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश ने वर्चुअल माध्यम जुड़कर से मॉक अभ्यास का जायजा लिया। इस दौरान जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदकिशोर जोशी मुख्य चिकित्सा अधिकारी अभिषेक गुप्ता सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने मॉक अभ्यास में प्रतिभाग किया।

 

टीएचडीसी टनल, बिरही में सुरंग धंसने की घटना में 02 व्यक्तियों के फंसे होने की सूचना पर एसडीआरएफ, पुलिस, तहसील प्रशासन, डीडीआरएफ एवं मेडिकल टीम द्वारा त्वरित रेस्क्यू कर दोनों व्यक्तियों को सुरक्षित बाहर निकालकर उपचार हेतु अस्पताल भेजा गया।

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परसाड़ी रोड के निकट टीवी टावर ज्वाइंट पर भवन ध्वस्त होने की घटना में 02 व्यक्तियों के घायल एवं 01 की मृत्यु की सूचना पर संबंधित टीमों ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य संचालित किया तथा घायलों को चिकित्सालय पहुंचाया।

 

जीआईसी कर्णप्रयाग के निकट 5.0 तीव्रता के भूकंप के परिदृश्य में एक भवन के क्षतिग्रस्त होने की सूचना पर रेस्क्यू टीमों द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए 02 सामान्य एवं 01 गंभीर घायल को सुरक्षित निकाला गया। साथ ही एक गोशाला के क्षतिग्रस्त होने एवं पशुओं के घायल होने की स्थिति का भी प्रबंधन किया गया।

 

तहसील कार्यालय परिसर, थराली में भूस्खलन की घटना में 03 व्यक्तियों के दबने की सूचना पर बचाव दल द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए घायलों को बाहर निकालकर उपचार हेतु भेजा गया।

 

पॉलीटेक्निक गैरसैंण के निकट वनाग्नि की घटना में वन विभाग, पुलिस एवं अन्य टीमों द्वारा मौके पर पहुंचकर आग पर नियंत्रण पाया गया तथा एक घायल व्यक्ति को उपचार हेतु अस्पताल भेजा गया।

इस मॉक अभ्यास में एसडीआरएफ, पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन एवं वन विभाग सहित सभी संबंधित विभागों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए आपसी समन्वय एवं त्वरित प्रतिक्रिया का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।एडीएम द्वारा बताया गया कि इस प्रकार के अभ्यासों का उद्देश्य आपदा के समय प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित करना एवं आपदा के समय जनहानि को न्यूनतम करना रहा।