Champawat: दूध की हर बूंद के पीछे पहाड़ का पसीना, फिर भी अपनी मांगों के लिए दर-दर भटक रहे पशुपालक

Champawat: पहाड़ में पशुपालन केवल किसी एक व्यक्ति का रोजगार नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़, स्वरोजगार का आधार और पलायन रोकने का एक महत्वपूर्ण जरिया है। खासकर उत्तराखंड जैसे … Continue reading Champawat: दूध की हर बूंद के पीछे पहाड़ का पसीना, फिर भी अपनी मांगों के लिए दर-दर भटक रहे पशुपालक