Dehradun: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) का 71 वाँ राष्ट्रीय अधिवेशन 28 से 30 नवंबर के मध्य देवभूमि, उत्तराखण्ड के परेड ग्राउंड में बसाए गए ‘भगवान बिरसा मुंडा नगर’ में जारी है। इस अधिवेशन स्थल से निकलकर दर्शनलाल चौक तक 4.5 किमी लंबी शोभायात्रा आयोजित हुई। इसमें देश के सभी राज्यों से आए 1500 से अधिक विद्यार्थियों की सहभागिता से लघु भारत के दर्शन हुए। सड़कों पर उमड़ी इस युवा तरुणाई का देवभूमि के नागरिकों ने जगह-जगह स्वागत करते हुए ‘भारत माता की जय’ का उद्घोष किया।
राष्ट्रीय अधिवेशन के दूसरे दिन के आरम्भ में “शिक्षा की भारतीय संकल्पना: वर्तमान शैक्षिक परिदृश्य एवं हमारी भूमिका” विषय पर भाषण सत्र आयोजित हुआ, जिसमें वक्ता के रूप में अभाविप के निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) राजशरण शाही जी ने उद्बोधन दिया। इसके पश्चात पाँच समानांतर सत्रों में वैश्विक Gen-Z आंदोलन एवं भारतीय युवा, AI चैट जीपीटी एवं शिक्षा, बांग्लादेशी घुसपैठ एवं SIR समसामयिक, जनसंख्या असंतुलन एवं विकसित भारत का लक्ष्य तथा ऑपरेशन सिंदूर और बदलता सुरक्षा परिदृश्य पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।
इसके पश्चात, शोभायात्रा में ‘अलग भाषा-अलग वेश फिर भी अपना एक देश’ के समागम से भारत की एकता में विविधता और अखंडता का दिव्य स्वरूप देखने को मिला। देश के विभिन्न शैक्षिक परिसर से आए विद्यार्थियों ने इस पावन धरा का भ्रमण करते हुए भौगोलिक विविधताओं के आधार पर चित्रित भारतीय संस्कृति का प्रत्यक्ष दर्शन कराया। साथ ही, सांस्कृतिक विविधता को चरितार्थ करते हुए अखण्डता में व्याप्त विभिन्न स्वरूपों के दर्शन इस यात्रा में हुए। शोभायात्रा के दौरान देवभूमि की सड़कें ‘भारत माता की जय’ और ‘कश्मीर से कन्याकुमारी भारत माता एक हमारी’ के नारों से गूंज उठी। शोभा यात्रा परेड ग्राउंड से होते हुए सर्वे चौक, भेल चौक, एश्ले चौक, घंटाघर से होकर दर्शनलाल चौक में आयोजित हुए खुला अधिवेशन के पश्चात संपन्न हुई।
इसमें अभाविप राष्ट्रीय महामंत्री डॉ वीरेंद्र सिंह सोलंकी के नेतृत्व में देश के अलग-अलग क्षेत्रों से आए छात्र नेताओं ने बांग्लादेशी घुसपैठ, शिक्षा, छात्रवृत्ति, समाज, ऑपरेशन सिंदूर तथा युवाओं से जुड़े विषयों पर संबोधन किया। अभाविप के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. (डॉ) रघुराज किशोर तिवारी, अभाविप राष्ट्रीय संगठन मंत्री आशीष चौहान, उत्तराखण्ड प्रांत अध्यक्ष प्रो. जे. पी.भट्ट एवं उत्तराखण्ड प्रांत मंत्री ऋषभ रावत भी उपस्थित रहे।
