Dehradun: मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने शुक्रवार को सचिवालय में लखवाड़ बहुद्देश्यीय परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह भारत सरकार और उत्तराखण्ड सरकार की उच्च प्राथमिकता वाली परियोजना है और इसे जल्द से जल्द पूर्ण किए जाने का कार्य दिया गया है।
मुख्य सचिव ने कहा कि किसी भी स्तर पर कोई लापरवाही या कोई ढिलाई न हो, इसका ध्यान रखा जाए। उन्होंने सभी संस्थानों के साथ बैठक कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने परियोजना के सम्बन्ध में विस्तार से सभी संस्थानों के स्तर से किए गए कार्यों की प्रगति की जानकारी ली।
उन्होंने परियोजना को समय से पूर्ण किए जाने हेतु सभी स्तरों की PERT Chart के साथ Time Line तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने दक्ष मैन पावर, मशीन और निर्माण सामग्रियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने Hydro-Mechanical Drawing शीघ्र उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने UJVNL और जिला प्रशासन को परियोजना से जुड़े सभी Stakeholders और प्रभावितों से लगातार संवाद करने की बात कही। उन्होंने प्रमुख सचिव ऊर्जा को अपने स्तर पर पाक्षिक रूप से कार्यों की प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि स्वयं उनके स्तर से भी नियमित रूप से प्रगति पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। उन्होंने विभिन्न प्रकार की स्वीकृतियों हेतु संबंधित मंत्रालयों से भी लगातार संवाद कर File Processing में तेजी लाने के लिए कहा।
इस अवसर पर बताया गया कि यमुना नदी पर लखवाड़ बहुद्देश्यीय परियोजना के तहत बनाया जाने वाला बांध 204 मीटर ऊंचा और इसकी लाइव स्टोरेज क्षमता 330.40 MCM है। इसकी क्षमता 300 मेगावाट विद्युत उत्पादन की है।
बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, MD UJVNL डॉ. संदीप सिंघल, CWC के प्रतिनिधि एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
