DM ने भूस्खलन से प्रभावित गांव पगनों का किया स्थलीय निरीक्षण

रिपोर्ट-  सोनू उनियाल

जोशीमठ। जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने बुधवार को जोशीमठ तहसील के अन्तर्गत भूस्खलन से प्रभावित गांव पगनों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने प्रभावित लोगों की पीड़ा को समझते हुए उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिया।

जिलाधिकारी ने पगनों गांव के ठीक ऊपर पहाड़ी से हो रहे भूस्खलन क्षेत्र, गांव में आए भारी मलबे की स्थिति और मलबे से क्षतिग्रस्त घरों की स्थिति देखी। साथ ही खतरे की जद में आए मकानों में जाकर निरीक्षण किया। गांव में चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनी।

जिलाधिकारी ने कहा कि पगनों गांव में भूगर्भीय सर्वेक्षण कर लिया गया है। गांव वालो की विस्थापन की मांग पर जिलाधिकारी ने तहसील प्रशासन को विस्थापन की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। ताकि बजट प्राप्त होने पर जल्द से जल्द विस्थापन की कार्रवाई की जा सके। उन्होंने अधिकारियों को पगनो गांव में क्षतिग्रस्त रास्तों को शीघ्र दुरुस्त करने और विद्यालय संचालन के लिए उचित व्यवस्था बनाने के निर्देश भी दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि भूस्खलन की स्थिति पर प्रशासन नजर रखे हुए है और प्रभावित लोगों की हर संभव मदद की जाएगी।

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जिलाधिकारी ने कहा कि स्वैच्छा से जो लोग आसपास किराए पर रहना चाहते है उनके लिए 6 माह तक 4 हजार रुपये किराया सरकार द्वारा दिया जाएगा।

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जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ने बताया कि पगनों में 08 भवन पूर्ण क्षतिग्रस्त हुए है। जिसमें से दो भवन सरकारी भूमि पर थे। क्षतिग्रस्त 06 निजी भवनों हेतु प्रति भवन 1.30 लाख की दर से 7.80 लाख वितरित किए गए है। प्रभावित दो परिवारों को अहैतुक सहायता के रूप में 10 हजार की धनराशि वितरित की गई है। प्रभावित परिवारों को 127 राशन किट, 107 टिन, 13 तिरपाल, 04 टैंट वितरित किए गए है। भूस्खलन से पगनों गांव में प्राथमिक विद्यालय, आंगनबाड़ी केन्द्र, फॉरेस्ट चौकी तथा दो गौशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुई है। प्रशासन ने नौ परिवारों को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया है। कुछ परिवार अपने आप शिफ्ट हो गए है। खतरे की जद मे आए प्राथमिक विद्यालय व आंगनबाड़ी केन्द्र को भी प्रशासन ने जूनियर हाईस्कूल मे शिफ्ट कर दिया गया है।

पगनों गांव में पहाड़ी से लगातार भूस्खलन से जमीन खिसकती जा रही है। जिससे पूरे गांव को खतरा हो गया है। ग्रामीणों ने पगनों गांव को शीघ्र विस्थापित करने की मांग की है।

           

निरीक्षण के दौरान संयुक्त मजिस्ट्रेट डा.दीपक सैनी, भूवैज्ञानिक डा.दीपक हटवाल, तहसीलदार रवि शाह, सीईओ कुलदीप गैरोला, आपदा प्रबंधन अधिकारी एनके जोशी सहित सभी संबधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।