Haridwar: गायत्री परिवार के शताब्दी समारोह का भव्य समापन, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और राज्यपाल गुरमीत सिंह रहे मौजूद

Haridwar: हरिद्वार के बैरागी कैंप स्थित शताब्दी नगर में आयोजित गायत्री परिवार के शताब्दी समारोह का शनिवार को भव्य और दिव्य वातावरण में समापन हुआ। इस ऐतिहासिक अवसर पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। देशभर से आए श्रद्धालुओं, अनुयायियों और वीवीआईपी अतिथियों की मौजूदगी में यह आयोजन आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बना रहा।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आज विश्व अशांति, अनिश्चितता और अस्थिरता के दौर से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में ‘व्यापार को हथियार’ बनाया जा रहा है, लेकिन ऐसे कठिन समय में भारतीय संस्कृति ही संपूर्ण विश्व को शाश्वत शांति का मार्ग दिखा सकती है।

उन्होंने ‘वसुधैव कुटुंबकम’ को भारत का मूल मंत्र बताते हुए गायत्री परिवार के कार्यों की सराहना की और कहा कि परम पूज्य गुरुदेव और वंदनीय माताजी के विचार आज विश्व कल्याण का आधार बन रहे हैं। शिवराज सिंह ने इसे ऐतिहासिक संयोग बताते हुए कहा कि अखंड ज्योति, वंदनीय माताजी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूरे होना राष्ट्र के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत पुनः विश्व गुरु बनेगा।

उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने शताब्दी समारोह के समापन को ‘नए युग का श्रीगणेश’ करार दिया। उन्होंने कहा कि 51 दिनों तक चली पूजा, तपस्या और सेवा भारत की आध्यात्मिक शक्ति का सशक्त प्रमाण है। राज्यपाल ने ‘विकसित भारत @2047’ के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि गुरुदेव और वंदनीय माताजी के आशीर्वाद से भारत आत्मनिर्भर और विश्व गुरु के रूप में स्थापित होगा। उन्होंने भारतीय संस्कृति, वेद-उपनिषदों और सनातन मूल्यों को भारत की सबसे बड़ी शक्ति बताया। साथ ही, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की विनम्रता की सराहना करते हुए उन्हें भारतीय सभ्यता का सच्चा प्रतिनिधि बताया।