Haridwar: आगामी कुंभ 2027 को लेकर हरिद्वार में मेला प्रशासन अब संत समाज के साथ लगातार मंथन में जुट गया है। अखाड़ों के साथ बैठक के अगले ही दिन मठ, मंदिर और आश्रमों से जुड़े संतों को बुलाकर प्रशासन ने तैयारियों पर विस्तृत चर्चा की, जहां साधु-संतों ने सीधे तौर पर अपनी जरूरतें और सुझाव प्रशासन के सामने रखे।
बैठक में भूमि आवंटन, सीवर व्यवस्था, आवागमन और मूलभूत सुविधाओं जैसे अहम मुद्दों पर लंबी चर्चा हुई, वहीं संतों ने साफ कहा कि कुंभ मेले की अवधि तक आश्रमों और धार्मिक स्थलों के बिजली-पानी के बिल पूरी तरह माफ किए जाने चाहिए।
मेला प्रशासन का कहना है कि इस बार कुंभ को व्यवस्थित और विवादमुक्त बनाने के लिए हर पक्ष की राय ली जा रही है, ताकि आयोजन के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था सामने न आए। इससे पहले अखाड़ों के प्रतिनिधियों के साथ पेशवाई, संतों के ठहराव और आंतरिक व्यवस्थाओं पर भी मंथन किया जा चुका है। संत समाज का मानना है कि आध्यात्मिक भव्यता तभी संभव है जब व्यवस्थाएं मजबूत हों, वहीं प्रशासन संवाद के जरिए कुंभ की रूपरेखा अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है।
