
Nainital: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने उधमसिंह नगर जिले लिए वर्ष 2015 से 17 के बीच खाद्य विभाग द्वारा चावल क्रय करते वक्त 600 करोड़ रुपये का घोटाला करने की उच्च स्तरीय जांच की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। मामले की सुनवाई बाद कोर्ट ने राज्य खाद्य सचिव से चावल घोटाले मामले में महालेखा परीक्षक रिपोर्ट पर क्या कार्यवाही की गई इसकी रिपोर्ट कोर्ट में पेश करे।
आज हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट में पेश हुए खाद्य सचिव ने कोर्ट को अवगत कराया कि अभी मामले की जांच रिपोर्ट महालेखा परीक्षक की तरफ से आनी है।
आपको बता दे कि गरुड़ रीठा निवासी गोपाल वनवासी ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि वर्ष 2020 में कई दैनिक समाचार पत्रों के द्वारा यह घोटाला जनता के सामने लाया गया था। उन्होंने इसकी सूचना खाद्य विभाग से मांगी। परन्तु विभाग ने उन्हें इसकी सूचना आरटीआई में उपलब्ध नहीं कराई। सूचना उपलब्ध न कराने पर उन्होंने इसकी प्रथम अपील विभागीय सूचना अधिकारी में की। वहां से भी कोई जवाब न मिलने पर द्वितीय सूचना अपील अधिकारी राज्य सूचना आयोग में की।
राज्य सूचना आयोग ने अपील को निस्तारित करते हुए राज्य सरकार व खाद्य विभाग को निर्देश दिए कि, मांगी गई सूचना उपलब्ध कराई जाय। सूचना प्राप्त होने के बाद उनकी शिकायत पर वर्ष 2020 में एसआईटी में मामले की जाँच की जिस में घोटाले की पुष्टि हुई। लेकिन सरकार ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही नहीं की।