Union Budget 2026: बजट में उत्तराखंड के लिए खास ऐलान, सीएम धामी ने की सराहना, पीएम बोले- यह बजट विकसित भारत का आधार

Union Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2026-27 के लिए 53.47 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया। केंद्रीय वित्त मंत्री ने इस दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल से लेकर आयकर टैक्स के लिए कई एलान किए हैं। इसके साथ ही केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने उत्तराखंड समेत पहाड़ी राज्यों के पर्यटन को बढ़ावा देने की बड़ी घोषणा की है। बजट में उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में इको-फ्रेंडली माउंटेन ट्रेल्स विकसित करने का ऐलान किया गया है। इन ट्रेल्स के बनने से ट्रेकिंग, हाइकिंग, माउंटेन बाइकिंग और घुड़सवारी जैसे प्रकृति-आधारित पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिलेगा।

बजट में उत्तराखंड के लिए खास ऐलान

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में उत्तराखंड के लिए एक बड़ा तोहफा दिया है। बजट घोषणा के अनुसार, राज्य में माउंटेन ट्रेल बनाए जाएंगे। इसके अलावा, देश के 20 बड़े पर्यटन स्थलों पर 10,000 गाइड्स की कौशल बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण का प्रावधान किया गया है। संभव है कि उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों को भी इस योजना में शामिल किया जाए और वहां के गाइड्स को जरूरी ट्रेनिंग दी जाए। साथ ही साथ सभी जिलों में इमरजेंसी ट्रामा सेंटर खोले जाएंगे और अपडेट किए जाएंगे। सीएम धामी ने बजट में इस घोषणा की सराहना की।

 किसानों-पशुपालकों और ग्रामीणों के लिए क्या-क्या

छोटे और सीमांत किसानों की आय में इजाफा लाने पर जोर। तमाम मौकों के जरिए दिव्यांगों के सशक्तीकरण पर फोकस।

मत्स्य पालन के लिए 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों का एकीकृत विकास किया जाएगा। तटीय क्षेत्रों में फिशरीज वैल्यू चेन मजबूत की जाएंगी।

स्टार्टअप और महिलाओं की अगुवाई वाले समूह बाजार से जुड़ेंगे।

पशुपालन क्षेत्र के लिए लोन-आधारित सब्सिडी कार्यक्रम शुरू होंगे।

पुशधन उद्यमों का संवर्धन और आधुनिकीकरण होगा। पशुधन किसान उत्पादक संगठनों को बढ़ावा दिया जाएगा।

तटीय इलाकों में नारियल, चंदन, काजू जैसी फसलों को सहायता दी जाएगी। नारियल उत्पादन में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए नारियल संवर्धन योजना लाई जाएगी।

भारतीय काजू और कोको के लिए समर्पित कार्यक्रम लाए जाएंगे। इन्हें वैश्विक ब्रांड बनाने का काम किया जाएगा।

भारतीय चंदन लकड़ी की गरिमा को पुनर्स्थापित करने के लिए राज्यों से सहयोग किया जाएगा।

अखरोट, बादाम की पैदावार बढ़ाने के लिए भी विशेष कार्यक्रम शुरू होगा।

एआई टूल– भारत-VISTAAR कार्यक्रम की शुरुआत होगी। यह बहुभाषी एआई टूल किसानों को बेहतर फैसले लेने में मदद करेगा, जिससे उनकी उत्पादकता बढ़ेगी।

कंटेंट क्रिएटर्स को मिला तोहफा

निर्मला सीतारमण ने कहा कि केंद्र सरकार मुंबई के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज को देश भर के 15,000 सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (AVGC) कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित करने में मदद करने की योजना बना रही है। इस कदम का मकसद युवा भारतीयों को ऐसे सेक्टर में करियर के लिए तैयार करना है, जिसमें अनुमान है कि 2030 तक दो मिलियन प्रोफेशनल्स की जरूरत होगी।

युवाओं के लिए क्या-क्या

युवाओं की क्षमता बढ़ाने पर क्या-क्या एलान किए गए हैं।

युवा भारत के लिए सेवा क्षेत्र पर जोर बढ़ाया जाएगा।

शिक्षा से रोजगार और उद्यम पर बनेगी उच्चाधिकार प्राप्त स्थायी समिति।

2047 तक 10 फीसदी की वैश्विक हिस्सेदारी के साथ सेवा क्षेत्र में देश को अग्रणी बनाया जाएगा। यह समिति विकास, रोजगार और निर्यात की संभावनाओं पर जोर देगी। उन्होंने बताया कि विकसित भारत के लिए कुशल पेशेवरों को तैयार करने के लिए प्रस्ताव तैयार किए गए हैं।

खेल क्षेत्र के लिए क्या?

अगले दशक में खेलों में बदलाव के लिए खेलो इंडिया मिशन शुरू होगा। इसके साथ ही खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के अलावा खेल तकनीक को बढ़ावा देने पर भी जोर रहेगा। वित्त मंत्री ने बताया कि इसके अलावा प्रशिक्षण और खेल इन्फ्रा को विकसित करने पर जोर रहेगा।

कपड़ा उद्योग के लिए क्या?

रेशम ऊन और जूट से जुड़े फाइबरों में आत्मनिर्भरता के लिए राष्ट्रीय फाइबर योजना लाई जाएगी। पारंपरिक क्लस्टरों के आधुनिकीकर के लिए वस्त्र विस्तार एवं रोजगार योजना आएगी। बुनकरों और कारीगरों की मदद के लिए राष्ट्रीय हथकरघा और हस्तशिल्प कार्यक्रम लाए जाएंगे।

वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी और परिधाओं को बढ़ावा देने के लिए टैक्स-इको पहल।

वस्त्र कौशल परिवेश के आधुनिकीकरण और उन्नयन के लिए समर्थ 2.0 का एलान।

मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव।

महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल शुरू करने का प्रस्ताव। हथकरघा उद्योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमोट करने की जरूरत। यह प्रशिक्षण कौशल और उत्पादन गुणवत्ता को बेहतर बनाएगा। योजना से एक जिला-एक उत्पाद पहल और ग्रामीण युवाओं को लाभ मिलेगा।

बजट में इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र के लिए क्या?

2026-27 में पूंजीगत खर्च को 12.2 लाख करोड़ करने का प्रस्ताव।

आंशिक लोन गारंटी के लिए इन्फ्रा जोखिम गारंटी निधि स्थापित होगी।

समर्पित आरईआईटी से रियल एस्टेट परिसंपत्तियों की रिसाइक्लिंग में तेजी का प्रस्ताव।

कार्गो के पर्यावरण अनुकूल आवागमन को बढ़ावा देने के लिए कई प्रस्ताव लाए जाएंगे।

पूर्व में डानकूनी से पश्चिम में सूरत तक डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बनेगा।

ग्रामीण महिलाओं के लिए क्या?

ग्रामीण महिलाओं की अगुआई वाले उद्यमों के लिए स्व-सहायता उद्यम यानी शी-मार्ट्स की शुरुआत होगी।

 पांच वर्ष में 20 नए जल मार्ग और सात हाई स्पीड रेल कॉरिडोर 

अपने बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने बताया कि पांच वर्ष में 20 नए जल मार्ग शुरू होंगे।

वाराणसी और पटना में जहाज मरम्मत सुविधा स्थापित होगी।

समुद्री विमान वीजीएफ योजना की शुरुआत होगी।

देश में सात हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनाए जाएंगे। इसमें मुंबई पुणे, पुणे हैदराबाद, हैदराबाद बंगलूरू, हैदराबाद चेन्नई, चेन्नई बंगलूरू, दिल्ली वाराणसी और वाराणसी सिलीगुड़ी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर शामिल है।

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पर्यटन और खेल के लिए क्या?

पर्यटन: नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी की स्थापना होगी। 20 प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर 10 हजार गाइड्स के कौशल बढ़ाने की योजना शुरू होगी। नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड स्थापित होगी।

वर्ल्ड ट्रैकिंग एंड हाइकिंग: हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू कश्मीर, अराक्कू घाटी में माउंटेन ट्रेल्स बनेंगे। ओडिशा, कर्नाटक, केरल में टर्टल ट्रेल्स बनेंगे।

धोलावीरा जैसे 15 पुरातात्विक स्थलों को सांस्कृतिक गंतव्य के रूप में विकसित किया जाएगा।

खेल: खेलो इंडिया मिशन की स्थापना होगी। अगले 10 वर्ष में इसके तहत काम किया जाएगा। इसके तहत प्रशिक्षण केंद्र बनाएंगे। व्यवस्थित तरीके से कोच और सपोर्ट स्टाफ को प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रतियोगिताएं और लीग होंगी। खेल ढांचे को प्रशिक्षण और प्रतियोगिता के लिए विकसित किया जाएगा।

स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के लिए क्या?

शिक्षा से रोजगार और उद्यम पर फोकस किया जाएगा। विकसित भारत का कोर ड्राइवर सेवा क्षेत्र रहेगा। इसके लिए एक उच्च स्तरीय समिति बनाई जाएगी, जो AI समेत प्रौद्योगिकियों से पड़ने वाले असर का आकलन करेगी।

दक्षता आधारित रोजगार पर ध्यान दिया जाएगा। स्वास्थ्य पेशेवर बनाने वाले संस्थानों को अपग्रेड किया जाएगा। रेडियोलॉजी, एनेस्थीशिया जैसे क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा। अगले पांच वर्ष में एक लाख AHP जोड़े जाएंगे। 1.5 लाख केयर गिवर्स को प्रशिक्षित किया जाएगा।

मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए पांच क्षेत्रीय मेडिकल हब बनाए जाएंगे। इसमें निजी क्षेत्र की सहभागिता रहेगी। हेल्थकेयर कॉम्प्लेक्स बनेंगे। इनमें आयुष केंद्र होंगे। डायग्नोस्टिक, पोस्टर केयर और रीहैब के केंद्र रहेंगे। इससे स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

दुनियाभर में सम्मान हासिल कर चुकी प्राचीन योग पद्धति और आयुर्वेद पर जोर दिया जाएगा। तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेदिक संस्थान बनाए जाएंगे।

ऑरेंज इकोनॉमी: गेमिंग, कॉमिक जैसे सेक्टर में 2030 तक 20 लाख पेशेवरों की जरूरत है। AVGC कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित होंगी। पूर्वी भारत में नए राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान की स्थापना होगी।

शिक्षा: पांच विश्वविद्यालय टाउनशिप की बड़े औद्योगिक और लॉजिस्टिक गलियारों के पास स्थापना होगी। हर जिले में एक महिला छात्रावास बनेगा।

रिफॉर्म के लिए कदम उठाए

बायो फार्मा शक्ति: इसमें ज्ञान, टेक्नोलॉजी और नवाचार के जरिए विकास होगा। किफायती दवाओं पर ध्यान दिया जाएगा। भारत को वैश्विक बायो फार्मा हब बनाने पर ध्यान दिया जाएगा। इस पर अगले पांच साल में 10 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। बायो फार्मा के तीन नए राष्ट्रीय संस्थान बनेंगे। सात मौजूदा संस्थानों को अपग्रेड किया जाएगा। सेंट्रल ड्रग कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन को अपग्रेड किया जाएगा।

सेमी कंडक्टर मिशन: इसमें उद्योग आधारित प्रशिक्षण केंद्रों पर ध्यान दिय जाएगा। इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट मैन्यूफैक्चरिंग स्कीम के तहत लक्ष्य से दोगुना हासिल किया जा चुका है। इसमें 40 हजार करोड़ रुपये के खर्च का प्रस्ताव रखा जा रहा है।

रेयर अर्थ: ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में रेयर अर्थ कॉरिडोर बनेंगे ताकि वहां पर खनन और शोध हो सके। इससे आयात निर्भरता घटेगी।

आर्थिक विकास में तेजी लाने के लिए प्रस्ताव

आर्थिक विकास में तेजी लाने के लिए सात क्षेत्रों में पहल शुरू करने का प्रस्ताव। रणनीतिक और अग्रणी क्षेत्रों में विनिर्माण को तेज करना।

विरासत के औद्योगिक क्षेत्रों का कायाकल्प करना।

चैंपियन एमएसएमई का निर्माण करना।

अवसंरचना को सशक्त प्रोत्साहन प्रदान करना।

दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा और स्थायित्व सुनिश्चित करना।

शहरों में आर्थिक क्षेत्र विकसित करना।

बैंकिंग सेक्टर के लिए क्या ?

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण के दौरान बैंकिंग सेक्टर के लिए कई एलान किए। उन्होंने कहा- बैंकिंग क्षेत्र में सुधार-आधारित विकास जारी रहेगा। इसके साथ ही विकसित भारत के लिए बैंकिंग पर उच्च-स्तरीय समिति के गठन का प्रस्ताव रखा गया है। वहीं इसमें विद्युत वित्त निगम और ग्रामीण विद्युतीकरण निगम के पुनर्गठन का प्रस्ताव भी हैं। उन्होंने कहा विदेशी मुद्रा प्रबंधन नियमावली की व्यापक समीक्षा होगी। इसके साथ ही कॉरपोरेट बॉन्ड क्षेत्र में निधियों और डेरिवेटिव्स के लिए अवसरों पर जोर दिया जाएगा और कॉरपोरेट बॉन्ड्स पर पूर्ण रिटर्न स्वैप शुरू करने का प्रस्ताव है। वित्त मंत्री ने कहा- बड़े शहरों में ज्यादा मूल्य के म्यूनिसिपल बॉन्ड के बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा। वहीं 1000 करोड़ से अधिक के एकल बॉन्ड के लिए 100 करोड़ के प्रोत्साहन का प्रस्ताव भी बजट में रखा गया है। इसके साथ ही छोटे-मध्यम कस्बों के लिए 200 करोड़ रुपये तक के बॉन्ड वाली अमृत योजना जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि पीआरओआई के लिए व्यापार की सुगमता बढ़ाई जाएगी और व्यक्तिगत पीआरओआई के लिए निवेश सीमा पांच से बढ़ाकर 10 फीसदी की जाएगी। व्यक्तिगत पीआरओआई के लिए समग्र निवेश सीमा 10 फीसदी से बढ़ाकर 24 फीसदी होगी।

बजट पर बोले पीएम मोदी

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की तरफ से बजट पेश किए जाने के बाद पीएम मोदी ने इसकी सराहना की है। उन्होंने कहा, यह देश की महिला शक्ति के सशक्त सशक्तिकरण को दर्शाता है। यह बजट अपार अवसरों का द्वार है। यह आज की आकांक्षाओं को वास्तविकता में बदलता है और भारत के उज्ज्वल भविष्य की नींव को मजबूत करता है।’

पीएम मोदी ने कहा, ‘भारत के 140 करोड़ नागरिक केवल सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था होने से संतुष्ट नहीं हैं; हम जल्द से जल्द दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना चाहते हैं।’ यह बजट 2047 तक विकसित भारत की ओर हमारी उच्च उड़ान के लिए एक मजबूत आधार है। दोस्तों, भारत जिस सुधार की रफ्तार पर सवार है, उसे इस बजट से नई ऊर्जा और गति मिलेगी।’