Uttarakhand: UPSC चयन के नाम पर ठगी, फर्जी रिजल्ट पर मसूरी LBS में ट्रेनिंग लेने पहुंचा युवक, ऐसे हुआ खुलासा

Uttarakhand: देश की प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा यूपीएससी के नाम पर युवाओं से ठगी का एक चौंकाने वाला मामला मसूरी में सामने आया है। शनिवार को लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी प्रशासन ने कोतवाली मसूरी को सूचना दी कि एक युवक फर्जी यूपीएससी रिजल्ट के आधार पर अकादमी में प्रशिक्षण लेने के उद्देश्य से परिसर में पहुंचा है।

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सूचना को गंभीरता से लेते हुए कोतवाली मसूरी से वरिष्ठ उप निरीक्षक तत्काल पुलिस बल के साथ अकादमी परिसर पहुंचे। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एलआईयू मसूरी और आईबी (इंटेलिजेंस ब्यूरो) की टीमों को भी मौके पर बुलाया गया, जिससे पूरे परिसर में कुछ समय के लिए हलचल का माहौल बन गया।

मसूरी कोतवाल देवेंद्र चौहान और एसएसआई सतेन्द्र भाटी ने मौके पर मौजूद युवक से पूछताछ की और उसके द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों की गहन जांच की गई। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि युवक कोई अपराधी नहीं, बल्कि एक बड़े ऑनलाइन ठगी गिरोह का शिकार है। युवक फर्जी यूपीएससी रिजल्ट को असली मानते हुए अपने माता-पिता और दैनिक उपयोग का सामान लेकर ट्रेनिंग के लिए मसूरी पहुंचा था। इसके बाद युवक को आवश्यक पूछताछ के लिए कोतवाली मसूरी लाया गया।

मसूरी कोतवाल देवेंद्र चौहान ने बताया कि पूछताछ में पता चला कि युवक उच्च शिक्षित है और वर्तमान में एक निजी कंपनी में कार्यरत है। युवक ने इस संबंध में एक लिखित प्रार्थना पत्र भी पुलिस को सौंपा, जांच में सामने आया कि युवक से परीक्षा पास कराने के नाम पर कुल 27,564 रुपये की ठगी की गई है। 13,000 रुपये नकद और ₹14,564 रुपये यूपीआई के माध्यम से ऑनलाइन ट्रांसफर किया गया। इसके बाद उसे व्हाट्सएप के जरिए फर्जी यूपीएससी रिजल्ट भेज दिया गया।

पुलिस जांच में पीड़ित की पहचान पुष्पेश सिंह पुत्र राकेश कुमार सिंह निवासी अरियॉव, पोस्ट फुलवरिया ताजपुर, थाना दाउतपुर, जिला सारण (बिहार) वर्तमान पता प्लॉट नंबर 601, सेक्टर 21, मुल्ला हेरा, पॉकेट-ब्(म्), सेक्टर 21, गुड़गांव (हरियाणा) के रूप में हुई है। पूरा आपराधिक कृत्य गुड़गांव, हरियाणा से जुड़ा हुआ है, इसलिए कोतवाली मसूरी में जीरो एफआईआर भारतीय न्याय संहिता बीएनएस के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया है। अग्रिम विवेचनात्मक कार्रवाई के लिए मामला संबंधित राज्य (हरियाणा) को स्थानांतरित किया जाएगा।

 

यह मामला उन युवाओं के लिए कड़ी चेतावनी है जो सोशल मीडिया, व्हाट्सएप और ऑनलाइन माध्यमों से मिलने वाले फर्जी रिजल्ट और चयन पत्रों के झांसे में आ जाते हैं। पुलिस ने अपील की है कि यूपीएससी या किसी भी प्रतियोगी परीक्षा से जुड़ी जानकारी केवल आधिकारिक वेबसाइट से ही सत्यापित करें।