Uttarakhand: अंकिता भंडारी हत्याकांड पर फिर आक्रोश…कांग्रेस ने निकाला कैंडल मार्च, न्याय के लिए CBI जांच की उठाई मांग

Uttarakhand में इन दिनों सुर्खियों में चल रहे अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर शनिवार देर शाम को कांग्रेसियों ने देहरादून स्थित प्रदेश कार्यालय से कैंडल मार्च निकाला। मार्च में शामिल कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत समेत तमाम पदाधिकारियों ने आक्रोश जाहिर किया। उन्होंने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया। पूरे मामले में फिर से सीबीआई जांच की मांग की।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा, अंकिता की हत्या केवल एक अपराध नहीं, बल्कि भाजपा की सत्ता-संरक्षित व्यवस्था की ओर से की गई न्याय की सुनियोजित हत्या है। यह शर्मनाक है कि एक बेटी की जान जाने के बाद भी भाजपा सरकार आरोपियों को बचाने में लगी है।

गोदियाल ने कहा भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री एवं उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत गौतम और भाजपा विधायक रेणु बिष्ट की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, लेकिन आज तक इनकी निष्पक्ष जांच नहीं हुई। आखिर भाजपा किससे और क्यों डर रही है। जब भाजपा के अपने ही लोग वीआईपी संरक्षण की बात सार्वजनिक रूप से कह रहे हैं, तो फिर भाजपा सरकार सीबीआई जांच से क्यों भाग यहीं है।

गोदियाल ने कहा कि दोषी चाहे कितना भी ताकतवर क्यों न हो, उसे कानून के कठघरे में खड़ा किया जाएगा। कांग्रेस पार्टी तब तक चैन से नहीं बैठेगी जब तक अंकिता को पूर्ण न्याय नहीं मिल जाता। पूरे हत्याकांड की सर्वोच्च न्यायालय के सिटिंग न्यायाधीश की निगरानी में सीबीआई जांच कराई जाए। किसी भी वीआईपी, राजनीतिक दबाव और सत्ता संरक्षण को जांच से दूर रखा जाए।