
Uttarakhand: राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण में 19 अगस्त से शुरू होने वाले मानसून सत्र की सभी तैयारियां चमोली प्रशासन और पुलिस ने कर ली हैं। सत्र के दौरान यहां धारा 163 को लागू कर दिया गया है। जो सत्र समाप्ति की तिथि 22 अगस्त शाम पांच बजे तक प्रभावी रहेगी। विधानसभा सत्र को सुव्यवस्थित, सफल व शांतिपूर्ण बनाने के उद्देश्य से प्रशासन द्वारा यह निर्णय लिया गया है।
41 अफसरों सहित 804 पुलिस के जवान तैनात
वहीं सोमवार को विधानसभा भवन में चमोली के डीएम और एसपी ने पुलिस ब्रीफिंग की। इस दौरान सभी कर्मियों को सुरक्षा व्यवस्था को सख्त करने के निर्देश दिए। सत्र में इस बार 41 से अधिक अफसर और 804 से अधिक पुलिस कर्मी लगाए गए हैं।
विधानसभा भवन परिसर में जिलाधिकारी डाॅ. संदीप तिवारी ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सत्र अवधि में सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार ने पुलिस बल को संबोधित करते हुए सभी को ड्यूटी के दौरान मुस्तैद, संवेदनशील व सतर्क रहने तथा मानक सुरक्षा प्रोटोकॉल का शत-प्रतिशत पालन करने के निर्देश दिए।
मालसी और मेहलचौंरी में अस्थायी जेल
इस बार सुरक्षा के लिए 4 एडिशनल एसपी, 12 सीओ, 25 इंस्पेक्टर और 804 पुलिस कर्मी तैनात किए गए हैं। वहीं कर्णप्रयाग से दिवालीखाल की ओर जंगलचट्टी और गैरसैंण से दिवालीखाल की ओर दुग्तमा में बैरिकेड बनाए गए हैं। इसके लिए विधानसभा मार्ग पर दिवालीखाल में भी बैरिकेड बनाया गया है। यही नहीं प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी के लिए मालसी और मेहलचौंरी में अस्थायी जेल बनाई गई है।
स्वास्थ्य सेवाएं भी पुख्ता
सत्र के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को भी पुख्ता कर दिया गया है। भराड़ीसैंण में ऑर्थो, फिजीशियन, सर्जन सहित विशेषज्ञ एवं अन्य 12 से अधिक चिकित्सकों को तैनात किया गया है जबकि 8 एंबुलेंस 24 घंटे सेवाएं देंगीं। वहीं दवाओं का स्टाक भी किया गया है। गैरसैंण के सीएमएस डॉ. अर्जुन रावत ने बताया कि विधानसभा प्रवेश द्वार पर एक मेडिकल रिलीफ पोस्ट बनाई गई है। जहां एमबीबीएस डॉक्टर के अलावा पैरामेडिकल स्टाफ तैनात रहेगा। साथ ही अस्थायी अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टर रहेंगे।
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वहीं विधानसभा सत्र के दौरान विधानसभा परिसर तथा आसपास के क्षेत्र में किसी भी प्रकार की धरना-प्रदर्शन, जुलूस, नारेबाजी, बगैर अनुमति सभा, सुरक्षा बैरियर तोड़ने, लाउडस्पीकर या ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग, हथियार लाने, उत्तेजक भाषण, पोस्टर-बैनर या सोशल मीडिया के माध्यम से अफवाह व भड़काऊ संदेश फैलाने जैसी गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
आदेश में कहा गया है कि विधानसभा सत्र के दौरान कोई भी व्यक्ति या समूह ऐसे कार्य नहीं करेगा, जिससे कानून व्यवस्था भंग हो या शांति व्यवस्था में बाधा पहुंचे। यदि कोई व्यक्ति इस आदेश का उल्लंघन करता है। तो उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के अंतर्गत दंडनीय कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा की मुख्य व्यवस्थाएं
• विधानसभा परिसर व आसपास के क्षेत्र में पुलिस बल की सघन तैनाती।
• सीसीटीवी कैमरा एवं ड्रोन के माध्यम से चौबीसों घंटे निगरानी।
• संभावित विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए थानों से अतिरिक्त बल की व्यवस्था।
• यातायात एवं पार्किंग व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए विशेष इंतज़ाम।