Uttarakhand Budget: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 1 लाख 11 हजार करोड़ रुपये का बजट पेश किया है। सरकार ने इस बजट के माध्यम से विकास योजनाओं को गति देने और आर्थिक मजबूती पर विशेष ध्यान दिया है।
Uttarakhand Budget Session 2026: ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण की भराड़ीसैंण विधानसभा में पांच दिवसीय बजट सत्र शुरू हो गया है। जिसके तहत आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्ष 2026–27 के लिए 1,11,703.21 करोड़ रुपए का बजट सदन में पेश किया। जो पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 10.41 फीसदी ज्यादा है। बजट में नई योजनाओं, गरीब, युवा, किसान व महिला सशक्तीकरण पर फोकस रहा।
बता दें कि उत्तराखंड के राजनीतिक इतिहास में पहली बार सरकार ने राज्यपाल अभिभाषण के दिन ही सदन में बजट पेश किया। यह पहला मौका था जब मुख्यमंंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सदन में वित्त मंत्री के रूप में अपनी सरकार का बजट पेश किया। आइए जानते हैं इस बजट में क्या कुछ खास रहा…….
महिलाओं के लिए खुला पिटारा
नन्दा गौरा योजनांतर्गत 220.00 करोड़।
प्रधानमंत्री मातृत्व वन्दना योजना के लिए 47.78 करोड़।
मुख्यमंत्री बाल पोषण योजनांतर्गत 25.00 करोड़।
मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजनांतर्गत 30.00 करोड़।
मुख्यमंत्री महिला पोषण योजनांतर्गत 13.44 करोड़।
मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजनांतर्गत 15.00 करोड़।
मुख्यमंत्री बाल एवं महिला बहुमुखी विकास निधि हेतु- 08.00 करोड़।
निराश्रित विधवाओं की पुत्रियों के विवाह हेतु 05.00 करोड़।
मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक मेधावी बालिका प्रोत्साहन योजना के अन्तर्गत 3.76 करोड़।
मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना हेतु 05.00 करोड़।
राज्य में प्रसूता के लिए ईजा-बोई शगुन योजना हेतु समग्र रूप से 122 करोड़।
मुख्यमंत्री महिला सतत आजीविका योजनांतर्गत 02.00करोड़।
महिला स्पोर्ट्स कॉलेज चंपावत का निर्माण- 10.00 करोड़।
गंगा गाय महिला डेरी विकास योजनांतर्गत 05.00 करोड़।
युवा कल्याण के लिए
मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के लिए- 60.00 करोड़।
मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना के लिए- 10.00 करोड़।
पं. दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना हेतु- 62.29 करोड़।
गैर-सरकारी महाविद्यालयों को सहायता अनुदान- 155.38 करोड़।
शिक्षा मित्रों को मानदेय का भुगतान- 10.00 करोड़।
सीएम युवा भविष्य निर्माण योजना- 10.00 करोड़।
उल्लास नव साक्षरता कार्यक्रम के लिए 3.34 करोड़।
गरीब कल्याण के लिए
अन्नपूर्ति योजना के लिए 1300 करोड़।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) 298.35 करोड़।
प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 (शहरी) 56.12 करोड़।
ई.डब्ल्यू.एस. आवास हेतु अनुदान 25.00 करोड़।
परिवहन निगम की बसों में निर्धारित श्रेणी के यात्रियों हेतु निःशुल्क यात्रा की सुविधा 42.00 करोड़।
निर्धन परिवार हेतु रसोई गैस पर अनुदान -43.03 करोड़।
दिव्यांग पेंशन, तीलू रौतेली पेंशन, बौना पेंशन एवं जन्म से 18 वर्ष तक के दिव्यांग बच्चों हेतु -167.05 करोड़।
दैवीय आपदाओं से प्रभावित परिवारों का पुनर्वास- 25.00 करोड़।
राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण- 01.00 करोड़।
अन्नदाता के लिए बजट में क्या ?
ट्राउट प्रोत्साहन योजना हेतु 39.90 करोड़।
आईटीबीपी बटालियन को जीवित भेड़. बकरी और कुक्कुट आपूर्ति योजना के लिए 3.50 करोड़।
दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजनांतर्गत 42.50 करोड़।
हाउस ऑफ हिमालयाज के अन्तर्गत 05.00 करोड़।
मिशन एप्पल योजना अन्तर्गत समग्र रूप से 42.00 करोड़।
दुग्ध उत्पादकों को दुग्ध मूल्य प्रोत्साहन योजना हेतु समग्र रूप 32.00 करोड़।
मुख्यमंत्री राज्य कृषि विकास योजनांतर्गत- 20.00 करोड़।
मुख्यमंत्री मत्स्य सपदा योजना के लिए 12.43 करोड़।
मिलेट मिशन योजना के प्रोत्साहन के लिए 12.00 करोड़।
स्थानीय फसलों को प्रोत्साहन कार्यक्रम के लिए 5.75 करोड़।
मुख्यमंत्री राज्य कृषि विकास योजना के लिए 20.00 करोड़।
किसान पेंशन योजना 12.06 करोड़।
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना 160.13 करोड़।
गंगा कार्यकारी योजना के अन्तर्गत रखरखाव के लिए जल संस्थान को अनुदान 25.00 करोड़।
जेंडर बजट बढ़ाया गया
सरकार ने इस सत्र में जेंडर बजट बढ़ाया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 16961.32 करोड़ का प्रावधान था जो कि इस बार बढ़ाकर 19692.02 करोड़ का प्रावधान किया गया।
स्वास्थ्य विभाग में क्या हुआ प्रावधान ?
बागेश्वर में जिला चिकित्सालय, डोईवाला, हरिद्वार, उत्तरकाशी, अल्मोड़ा, देहरादून, टिहरी, नैनीताल में अस्पताल समेत कई योजनाओं पर काम चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग को 4252.50 करोड़, पूंजीगत मद में 195 करोड़ का प्रावधान किया गया।
कई नई योजनाओं की सौगात
कुम्भ मेला के लिए भारत सरकार से अवस्थापना अनुदान के लिए 1027.00 करोड़।
विकसित भारत रोजगार गारंटी एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) हेतु समग्र रूप से रु0 705.25 करोड़।
निर्भया फंड के लिए 112.02 करोड़।
पर्यटन विकास हेतु अवस्थापना निर्माण के लिए 100.00 करोड़।
कोलोनाइजेशन प्रोत्साहन के लिए अवस्थापना निर्माण के लिए 25.00 करोड़।
हरिद्वार गंगा कॉरिडोर परियोजना हेतु के लिए 10.00 करोड़।
ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर परियोजना के लिए 10.00 करोड़।
साईबर सिक्योरटी के क्रियान्वयन के लिए 15.00 करोड़।
इमरजिंग टेक्नोलॉजी एवं एआई के क्रियान्वयन के लिए 10.50 करोड़।
महक क्रान्ति हेतु 10.00 करोड़।
स्पिरिचुअल इकोनोमिक ज़ोन के विकास के लिए 10.00 करोड़।
हाउस ऑफ़ हिमालयाज के लिए 5.00 करोड़।
उत्तराखण्ड एवं भारत दर्शन के लिए 4.50 करोड़।
सरयू एवं अन्य रिवर फ्रंट योजनाओं के लिए 10.00 करोड़।
आपदा सखी हेतु 2.00 करोड़।
ग्राम प्रहरी के लिए 5.00 करोड़।
नशा मुक्ति केन्द्र के लिए 4.50 करोड़।
पुस्तकालय निर्माण 5.00 करोड़।
विदेश रोजगार प्रकोष्ठ 3.73 करोड़।
न्याय पंचायत स्तर पर स्टेडियम 10.00 करोड़।
रेस्क्यू सेंटर 19.00 करोड़।
बजट में क्या मिला?
ईजा बोई शगुन योजना 14.13 करोड़।
मुख्यमंत्री बाल पोषण योजना 25 करोड़।
मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना 15 करोड़।
मुख्यमंत्री बाल एवं महिला विकास निधि 08 करोड़ का प्रावधान।
अनुसूचित जातियों को 2400 करोड़।
अनुसूचित जनजातियों 746.75 करोड़।
अल्पसंख्यक 98 करोड़।
अटल आयुष्मान योजना के लिए 600 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
खाद्यान्न योजना के अंतर्गत 25 करोड़, पीएम आवास योजना के लिए 298.45 करोड़, पीएम आवास 56 करोड़, ईडब्ल्यूएस के लिए 25 करोड़, परिवहन निगम की बसों में निशुल्क यात्रा को 42 करोड़।
हमारा विकल्प रहित संकल्प- सीएम धामी
सीएम धामी ने कहा कि हम संकल्प से सिद्धी की ओर से निरंतर अग्रसर हैं। हमारा विकल्प रहित संकल्प है। हम जनादेश को मानते हुए सबके विकास के तहत काम कर रहे हैं। हम समग्र विकास , आत्मनिर्भरता, नवाचार, कौशल विकास, पारदर्शिता को मार्गदर्शक सिद्धांत मानकर सुनियोजित दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। यह बजट हमारी समाज के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
