Uttarakhand: अंकिता भंडारी हत्याकांड पर सियासत, कांग्रेस–भाजपा आमने-सामने, लगाए आरोप 

Uttarakhand: अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उत्तराखंड की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। एक तरफ कांग्रेस सड़कों पर उतरकर अंकिता को न्याय दिलाने की मांग कर रही है, तो वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर राजनीति करने का आरोप लगाया है।

भाजपा नेताओं का कहना है कि जब इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और दोषियों को सजा मिल चुकी है, तो फिर कांग्रेस किस मुद्दे को लेकर प्रदेश का माहौल बिगाड़ रही है। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस एक बेटी के नाम पर अपनी राजनीतिक जमीन चमकाने का काम कर रही है।

 

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसे कौन से चेहरे हैं, जिन पर कार्रवाई करने से भारतीय जनता पार्टी घबरा रही है। हरीश रावत ने कहा कि कांग्रेस इस मामले की सच्चाई सामने लाकर रहेगी और अंकिता भंडारी को पूरा न्याय दिलाना पार्टी का संकल्प है।

वहीं भाजपा की ओर से हरिद्वार के जिला अध्यक्ष आशुतोष शर्मा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस की घटिया और निंदनीय राजनीति है, जो एक मृत बेटी के नाम का इस्तेमाल कर अपनी सियासी रोटियां सेंक रही है। आशुतोष शर्मा ने कहा कि अंकिता भंडारी हमारी बेटी थी और उसे न्याय मिल चुका है। इसके बावजूद कांग्रेस इस मुद्दे को बार-बार उठाकर उत्तराखंड का माहौल खराब करने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों पर राजनीति करना शर्मनाक है और इस तरह की हरकतों पर कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने साफ किया कि चुनाव ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर नहीं, बल्कि विकास और कार्यों के आधार पर लड़े जाते हैं।