कौन हैं जस्टिस यशवंत वर्मा? जिनके घर से मिली करोड़ों की नकदी

जज साहब गए थे बाहर तभी सरकारी बंगले में लगी आग ,बुझाने गए फायर ब्रिगेड वाले भी हैरान

दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ( Justice Yashwant Verma) के सरकारी आवास से करोड़ों की बेहिसाब नकदी मिलने के बाद सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने उनके स्थानांतरण का निर्णय लिया है। मुख्य न्यायाधीश संजय खन्ना की अध्यक्षता में कॉलेजियम ने उन्हें वापस इलाहाबाद उच्च न्यायालय भेजने की सिफारिश की है।

🔥 घर में लगी आग और खुला राज

होली की छुट्टियों के दौरान उनके सरकारी बंगले में आग लगने के बाद जब दमकल विभाग और पुलिस पहुंची, तो वहां 15 करोड़ रुपये से अधिक नकदी मिली। इसके बाद यह मामला तूल पकड़ गया और न्यायमूर्ति वर्मा पर कार्रवाई की गई।

⚖️ कौन हैं जस्टिस यशवंत वर्मा?(Who is Justice Yashwant Verma?)

  • जन्म: 6 जनवरी 1969, इलाहाबाद
  • शिक्षा: दिल्ली विश्वविद्यालय (बी.कॉम ऑनर्स), रीवा विश्वविद्यालय (एलएलबी)
  • वकालत: संवैधानिक, कराधान और कॉर्पोरेट कानून विशेषज्ञ
  • 2014: इलाहाबाद उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश बने
  • 2016: स्थायी न्यायाधीश के रूप में शपथ
  • 2021: दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीश नियुक्त

🏛 इलाहाबाद हाईकोर्ट का विरोध

इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने उनके इलाहाबाद स्थानांतरण पर कड़ी आपत्ति जताई है और कहा कि, “हम कूड़ा घर नहीं हैं।” बार एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय पर सवाल उठाए हैं।

🔷 भाजपा (BJP) का रुख

भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, लेकिन पार्टी के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने कहा कि न्यायमूर्ति वर्मा ने शिबू सोरेन के खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच रोकने का निर्णय दिया था

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मामले में सुप्रीम कोर्ट की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। न्यायपालिका की स्वतंत्रता और जवाबदेही को लेकर बहस तेज हो गई है। जस्टिस वर्मा के ट्रांसफर के बाद अब उनकी भूमिका और इस घटना का असर न्यायिक प्रक्रियाओं पर क्या पड़ेगा, यह देखना अहम होगा।