
CYBER FRAUD CASE: उत्तराखंड एसटीएफ के साइबर थाना पुलिस ने साल की शुरुआत में ही एक साइबर धोखाधड़ी के राष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश कर दो मास्टरमाइंड आरोपियों को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। वही 4 आरोपियों को 41A CrPC का नोटिस देकर तामिल किया गया है। बता दे कि देहरादून निवासी एक पीड़ित से पकड़े गए आरोपियों ने naukri.com के नाम से 23 लाख रुपए की साइबर धोखाधड़ी की थी। जिस प्रकरण में बड़े स्तर पर अब तक कुल 12 आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा चुकी है।
पीड़ित को ऐसे फंसाया जाल में…
दरअसल, मोहब्बेवाला (देहरादून) निवासी एक व्यक्ति ने जून 2024 को साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया था कि नौकरी खोजने के लिए एक वेबसाइट पर पीड़ित ने जॉब सर्च किया था। इसके बाद पीड़ित को व्हाट्सएप नंबर से फोन आय और बताया कि उन्हें जॉब वेबसाइट के जरिए उनका रिज्यूम मिला है। फिर रजिस्ट्रेशन चार्ज के नाम पर 14,800 रुपये मांगे गए। पीड़ित द्वारा भुगतान करने के बाद lintojacob@hrsuntorybfe.com से इंटरव्यू के लिए SKYPE पर फोन आया। लगभग 1 घंटे तक टेक्निकल इंटरव्यू लिया गया। उसके बाद 22 नवंबर 2023 को फाइनल राउंड के लिए इंटरव्यू लेने के बाद सिलेक्शन हो जाने की बात कहकर दस्तावेज वेरिफिकेशन, जॉब सिक्योरिटी, फास्ट ट्रैक वीजा और IELTS exam आदि के नाम पर क्विक सॉल्यूशन (Quick Solution) अकाउंट में रुपये जमा कराये गये।
इसके बाद पीड़ित को बताया गया कि उसके द्वारा IELTS exam के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं किया गया था, जिस कारण उसका वीजा कैंसिल किया जा रहा है और पीड़ित को पैसा 3 महीने में वापस करने की बात कही गयी। इसके बाद इसी प्रकार पीड़ित को अन्य व्हाट्सएप नंबर से दोबारा कॉल आयी और UK की एक कंपनी में AVP (Operation) पद की वेकैंसी की बात बताकर फिर से वही रजिस्ट्रेशन, इंटरव्यू वाले प्रोसेस को दोहराया गया और पीड़ित से दोबारा अलग-अलग खातों में भुगतान कराकर कुल 22 लाख 96 हजार रुपये की साइबर ठगी की गई। बता दें कि पैसे ऐंठने के लिए साइबर ठगों ने पीड़ित की ईमेल आईडी पर जानी-मानी कंपनियों के नाम से मिलती जुलती ईमेल आईडी- jacob@carriercocacola.com, lintojacob@hrsuntorybfe.com, support@jobphent.se, support@jobphent.com और contact@recuritmentjob.in से संपर्क किया।
दो गिरफ्तार, तीन को 41A का नोटिस
एसएसपी एसटीएफ नवनीत भुल्लर ने बताया है कि आरोपियों के दुबई, चीन और पाकिस्तान से कनेक्शन है, जिनके संबंध में इनके मोबाइल फोन में भी व्हाट्सएप, टेलीग्राम के माध्यम से चैटिंग पाई गई है। आपस में बैंक खातों की यूपीआई आईडी, खातों की डिटेल्स, क्यूआर कोड, स्केनर आदि का आदान-प्रदान भी किया गया है। साथ ही इसके USDT क्रिप्टो करेंसी में एक दूसरे से खातों में भारतीय रुपये का ट्रांजेक्शन संबंधी चैट्स पाई गई है। एसएसपी एसटीएफ ने बताया कि इस मामले में पूर्व में तीन आरोपी दिल्ली से गिरफ्तार किए गए थे तथा तीन को 41A का नोटिस दिया गया है। वहीं अब दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। जिनके कब्जे से 17 मोबाइल फोन, तीन लैपटॉप व भारी संख्या में सिम कार्ड बरामद किए गए हैं।
साइबर ठगी का तरीका
बता दें कि, नौकरी के लिए ऑनलाइन जॉब प्लेटफॉर्म्स पर साइबर अपराधी सक्रिय होकर लोगों को टारगेट करते हैं। ये लोग फर्जी आईडी से प्राप्त मोबाइल नंबरों, व्हाट्सएप, टेलीग्राम और जानी मानी कंपनियों के नाम से मिलती जुलती फर्जी ईमेल आईडी बनाकर ऑनलाइन नौकरी के इच्छुक लोगों से संपर्क कर उन्हें विश्वास में लेकर विदेश में नौकरी के लिए दस्तावेज वेरिफिकेशन, रजिस्ट्रेशन, जॉब सिक्योरिटी, फास्ट ट्रैक वीजा आदि के नाम पर धोखाधड़ी करते हैं।