Dehradun: विकासनगर में यमुना नदी पर निर्माणाधीन 300 मेगावाट लखवाड़ बहुउद्देशीय जलविद्युत परियोजना में कार्यरत संविदा श्रमिकों का आंदोलन चौथे दिन उग्र हो गया। सीटू यूनियन के बैनर तले करीब 400 से अधिक श्रमिकों ने डाकपत्थर स्थित परियोजना कार्यालय पहुंचकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया और अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान सीटू यूनियन के जिला महामंत्री एडवोकेट लेखराज के नेतृत्व में 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने परियोजना अधिकारियों के साथ वार्ता की। काफी देर तक चली बातचीत में श्रमिकों की विभिन्न मांगों पर चर्चा हुई। वार्ता में परियोजना के महाप्रबंधक सुजीत कुमार सिंह, उप महाप्रबंधक गिरीश रावत और आरएनआर उप महाप्रबंधक शिव दास मौजूद रहे।
अधिकारियों ने यूनियन प्रतिनिधियों को भरोसा दिलाया कि श्रमिकों की जायज मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई की जाएगी। वहीं शासन स्तर से जुड़े मामलों में आदेश मिलते ही अमल करने की बात कही गई।
सीटू यूनियन पदाधिकारियों के अनुसार प्रशासन ने दो दिन के भीतर लिखित जवाब देने का आश्वासन दिया है। इसके बाद फिलहाल श्रमिकों ने आंदोलन स्थगित कर काम पर लौटने का निर्णय लिया है।
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यूनियन ने साफ चेतावनी दी है कि यदि तय समय में मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा। श्रमिक नेताओं ने कहा कि जरूरत पड़ने पर परियोजना का कार्य पूरी तरह ठप करने के साथ इमरजेंसी सेवाओं को भी बाधित किया जा सकता है।
फिलहाल लखवाड़ परियोजना में स्थिति शांत बनी हुई है, लेकिन अब सबकी नजर प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई है।
