Uttarakhand: पंचेश्वर घाटी में तूफान का कहर, आम और लीची की फसल को भारी नुकसान, किसानों ने मांगा मुआवजा

Uttarakhand: चंपावत जिले के लोहाघाट से सटे नेपाल सीमा क्षेत्र पंचेश्वर घाटी में मंगलवार शाम आए तेज तूफान ने किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया है। करीब पौन घंटे तक चले तूफान से आम और लीची के बगीचों में बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ। पेड़ों की टहनियां टूट गईं और बड़ी मात्रा में फल समय से पहले जमीन पर गिर गए।

स्थानीय बागवान ओंकार सिंह धोनी ने बताया कि अचानक आए तूफान से उनके आम और लीची के पेड़ों को काफी नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि पेड़ों से करीब चार से पांच कुंतल आम टूटकर जमीन पर गिर गए, जबकि लीची की फसल भी बुरी तरह प्रभावित हुई है।

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पंचेश्वर के भकुन्डा गांव सहित आसपास के कई इलाकों में किसानों की फसल को नुकसान पहुंचा है। किसानों का कहना है कि आम और लीची उनकी आजीविका का प्रमुख साधन है, लेकिन इस तूफान ने उनकी महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया।

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किसानों ने प्रशासन से जल्द मौके का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन करने और उचित मुआवजा देने की मांग की है। मामले की सूचना राजस्व विभाग को भी दे दी गई है। तूफान से फसलों के साथ-साथ कुछ टीन शेडों को भी नुकसान पहुंचा है। नुकसान के बाद पूरे घाटी क्षेत्र के किसानों में मायूसी का माहौल है।