Dehradun मास्टर प्लान–2041 पर जन-सुनवाई, एमडीडीए ने सुने लोगों के सुझाव और आपत्तियां

Dehradun: जनपद के भविष्य के सुनियोजित विकास के लिए तैयार किए जा रहे मास्टर प्लान–2041 को लेकर मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने जन-सुनवाई कैंप आयोजित किया। कैंप में बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर प्रस्तावित मास्टर प्लान पर अपने सुझाव, आपत्तियां और समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं।

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित यह जनसुनवाई कार्यक्रम 6 जुलाई से 21 जुलाई 2026 तक चलेगा। प्राधिकरण ने देहरादून को 12 अलग-अलग सेक्टरों में विभाजित किया है, ताकि हर इलाके के निवासियों की बात सुनी जा सके।

पहले दिन 18 आपत्तियां दर्ज

बता दें कि पहले दिन सुबह 11 बजे माता मंदिर रोड स्थित शकुन स्पोर्ट्स एकेडमी में सेक्टर-एक से संबंधित आपत्तियों पर सुनवाई की गई। सुनवाई के दौरान 18 आपत्तियां दर्ज की गईं। आपत्तिकर्ताओं ने भूमि उपयोग, विकास योजनाओं और अन्य बिंदुओं से जुड़े अपने पक्ष रखने के साथ कई सुझाव भी दिए।कई लोगों ने मास्टर प्लान में स्थानीय आवश्यकताओं को प्राथमिकता देने की मांग भी उठाई। एमडीडीए अधिकारियों ने सभी आपत्तियों और सुझावों को विस्तार से सुना।

जनभागीदारी से तैयार होगा मास्टर प्लान

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने बताया कि राज्य गठन के बाद देहरादून में तेजी से शहरीकरण हुआ है, जिससे विकास पर दबाव बढ़ा है। उन्होंने कहा कि मास्टर प्लान-2041 का मुख्य उद्देश्य शहर के ग्रीन कवर, कृषि भूमि के संरक्षण और बढ़ती आबादी की जरूरतों के बीच संतुलन स्थापित करना है।

अवैध निर्माण से जुड़े सवालों पर उपाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि प्राधिकरण लगातार कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पिछले मास्टर प्लान में भी कुछ कृषि भूमि पर बने आवासीय परिसरों को जनहित में नियमित किया गया था। इस बार भी लोगों की व्यावहारिक समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए समाधान का प्रयास किया जाएगा।

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तिवारी ने कहा कि मास्टर प्लान को लेकर आम जनता की चिंताएं स्वाभाविक हैं। प्राधिकरण कृषि और हरित क्षेत्रों को सुरक्षित रखते हुए शहर की आवासीय और व्यावसायिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एक संतुलित मास्टर प्लान बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि सभी सुझावों पर विचार किया जाएगा ताकि शहर का भविष्य सुरक्षित और व्यवस्थित रहे।

एमडीडीए इस जनसुनवाई के माध्यम से देहरादून को एक आधुनिक और नियोजित राजधानी के रूप में विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।