Nana Patekar Death: 75 की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा, पांच दशक तक अपनी अदाकारी से बनाई अलग पहचान

Nana Patekar Death: हिंदी और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 की सुबह गोवा स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। नाना पाटेकर को कार्डियक अरेस्ट आया था।

 करीब पांच दशक तक सिनेमा पर रहा नाना पाटेकर का दबदबा

नाना पाटेकर भारतीय सिनेमा के उन कलाकारों में शामिल रहे, जिन्होंने अपने दमदार अभिनय और संवाद अदायगी से अलग पहचान बनाई। उन्होंने हिंदी और मराठी फिल्मों में कई यादगार किरदार निभाए। उनकी अभिनय यात्रा की शुरुआत थिएटर से हुई और 1978 में फिल्म ‘गमन’ से उन्होंने सिनेमा में कदम रखा। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

 ‘परिंदा’ और ‘क्रांतिवीर’ जैसी फिल्मों ने दिलाई खास पहचान

नाना पाटेकर ने अपने करियर में कई चुनौतीपूर्ण और अलग तरह के किरदार निभाए। ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘अग्निसाक्षी’, ‘अब तक छप्पन’,‘वेलकम’ और मराठी फिल्म ‘नटसम्राट’ में उनके अभिनय को दर्शकों और आलोचकों ने खूब सराहा।

‘क्रांतिवीर’ के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला, जबकि ‘अग्निसाक्षी’ के लिए भी उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

 ‘वेलकम’ के उदय शेट्टी ने नई पीढ़ी में भी बनाई पहचान

गंभीर और दमदार भूमिकाओं के लिए मशहूर नाना पाटेकर ने कॉमेडी में भी अपनी खास छाप छोड़ी। फिल्म ‘वेलकम’ में उनके किरदार उदय शेट्टी को दर्शकों ने बेहद पसंद किया। इस किरदार ने उन्हें नई पीढ़ी के दर्शकों के बीच भी लोकप्रिय बना दिया।

अभिनेता के साथ निर्देशक और थिएटर कलाकार भी थे

नाना पाटेकर केवल अभिनेता ही नहीं थे, बल्कि निर्देशक और थिएटर कलाकार के रूप में भी उन्होंने अपनी पहचान बनाई। उन्होंने फिल्म ‘प्रहार: द फाइनल अटैक’ का निर्देशन किया और उसमें अभिनय भी किया। उनका थिएटर से गहरा जुड़ाव रहा और अभिनय की उनकी शैली में रंगमंच का प्रभाव साफ दिखाई देता था।

पद्मश्री समेत कई बड़े सम्मान

भारतीय सिनेमा में उनके योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने साल 2013 में नाना पाटेकर को पद्मश्री से सम्मानित किया था। उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समेत कई प्रतिष्ठित पुरस्कार मिले। उनका नाम हिंदी और मराठी सिनेमा के सबसे प्रभावशाली कलाकारों में लिया जाता रहा।

 सामाजिक कार्यों में भी रहे सक्रिय

नाना पाटेकर फिल्मों से बाहर सामाजिक कार्यों के लिए भी जाने जाते थे। उन्होंने किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों पर काम किया और सामाजिक पहल में सक्रिय भागीदारी निभाई। अभिनय के साथ उनका यह पक्ष भी लोगों के बीच काफी सराहा गया।

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नाना पाटेकर अपने पीछे करीब पांच दशक का ऐसा सिनेमाई सफर छोड़ गए हैं, जिसमें गंभीर किरदारों से लेकर हास्य भूमिकाओं तक उनकी अभिनय क्षमता की अलग-अलग छाप देखने को मिलती है। उनकी आवाज, संवाद अदायगी और अभिनय का अंदाज लंबे समय तक दर्शकों के बीच याद किया जाएगा।