Chamoli: बदरीनाथ दर्शन से लौट रहे यात्रियों की आखिरी बनी हेली यात्रा, पायलट समेत 6 की मौत, खराब मौसम के बीच उड़ान पर सवाल

Chamoli: उत्तराखंड के चमोली जिले में शुक्रवार को हुए हेलीकॉप्टर क्रैश में दिल्ली के पायलट और कर्नाटक के 5 यात्रियों की जान चली गई है। खराब मौसम के बीच यह बदरीनाथ धाम से यात्रियों को लेकर लौट रहा था।

भगवान बद्री के चरणों में हाजिरी लगाने आए इन यात्रियों ने शायद सपने में भी नहीं सोचा होगा कि जिस धाम के दर्शन उनके जीवन के सबसे खूबसूरत पलों में से एक थे, वही यात्रा उनकी आखिरी यात्रा बन जाएगी।

यह घटना ऐसे समय हुई है, जब उत्तराखंड के कई इलाकों में खराब मौसम बना हुआ है। राज्य के कई हिस्सों में बारिश और बर्फबारी हो रही है। जिसके के लिए अलर्ट भी जारी किया गया था। अब इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर उत्तराखंड में हवाई सेवाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

आखिर कब थमेंगे उत्तराखंड में हेलीकॉप्टर हादसे?

खराब मौसम में उड़ान का जोखिम आखिर कौन तय करता है?

उत्तराखंड में यह पहला हेली हादसा नहीं है। इससे पहले भी अलग-अलग घटनाओं में हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हुए हैं और कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। हर हादसे के बाद जांच के आदेश दिए जाते हैं, कारणों की जांच होती है, लेकिन बार-बार सामने आते हादसे हवाई सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हैं।

सवाल यही है—इन हादसों से सबक कब लिया जाएगा ?

चारधाम यात्रा में हेलीकॉप्टर सेवाएं श्रद्धालुओं के लिए जरूरी हैं, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। अब जरूरत केवल जांच के आदेश तक सीमित रहने की नहीं, बल्कि हादसों से सबक लेकर ठोस सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की है, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।