BC Khanduri Death : नहीं रहे पूर्व CM भुवन चंद्र खंडूरी, उत्तराखंड की राजनीति के एक युग का हुआ अंत

BC Khanduri Death: उत्तराखंड की राजनीति के लिए बड़ी और बेहद दुखद खबर आई है। पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व केंद्रीय मंत्री और भारतीय सेना के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल भुवन चंद्र खंडूरी का निधन हो गया है। उन्होंने आज सुबह देहरादून के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली। लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे खंडूरी के निधन की खबर मिलते ही पूरे उत्तराखंड में शोक की लहर दौड़ गई।

 

भुवन चंद्र खंडूरी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि अनुशासन, ईमानदारी और सादगी की मिसाल माने जाते थे। सेना की वर्दी से लेकर राजनीति तक उनका सफर सेवा, समर्पण और सख्त प्रशासनिक छवि के लिए हमेशा याद किया जाएगा।

भारतीय सेना में 36 वर्षों तक सेवा

1 अक्टूबर 1934 को देहरादून में जन्मे भुवन चंद्र खंडूरी ने भारतीय सेना के कोर ऑफ इंजीनियर्स में करीब 36 वर्षों तक सेवा दी। 1971 के भारत-पाक युद्ध में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सेना में उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें ‘अति विशिष्ट सेवा मेडल’ से सम्मानित किया गया था।

राजनीति सफर

फौज से रिटायर होने के बाद उन्होंने भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा और 1991 में पहली बार गढ़वाल लोकसभा सीट से सांसद चुने गए। इसके बाद लगातार चार बार जनता ने उन पर भरोसा जताया।

वाजपेयी सरकार में मंत्री

अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री रहते हुए उन्होंने देश की महत्वाकांक्षी ‘गोल्डन क्वाड्रिलेटरल’ परियोजना को गति दी। देश में आधुनिक हाईवे नेटवर्क की मजबूत नींव रखने में उनका अहम योगदान माना जाता है।

दो बार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री

भुवन चंद्र खंडूरी दो बार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे। मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाया और पारदर्शी शासन व्यवस्था को प्राथमिकता दी। नेताओं और अफसरों की फिजूल सुविधाओं में कटौती से लेकर मजबूत लोकायुक्त कानून तक, उनके कई फैसले आज भी याद किए जाते हैं।

 

उनकी बेटी ऋतु भूषण खंडूरी वर्तमान में उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष हैं। पिता के निधन पर राजनीतिक, सामाजिक और सैन्य क्षेत्र से जुड़े तमाम लोगों ने गहरा शोक व्यक्त किया है।

91 वर्ष की आयु में भुवन चंद्र खंडूरी ने इस दुनिया को अलविदा कहा, लेकिन उनकी सादगी, ईमानदारी और राष्ट्रसेवा की पहचान हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेगी।