Chamoli: बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की पारंपरिक प्रक्रियाओं के तहत मंगलवार को ज्योतिर्मठ स्थित नृसिंह मंदिर में वैदिक पंच पूजाओं का आयोजन किया गया।
इसके बाद ढोल-दमाऊं और सेना के मधुर बैंड की धुनों के बीच बदरीनाथ धाम के रावल अमरनाथ नंबूदरी की अगुवाई में आदि गुरु शंकराचार्य की पवित्र गद्दी, गरुड़ जी की डोली औऱ गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा योग बदरी मंदिर, पांडुकेश्वर के लिए रवाना हुई।
इस मौके पर वेद-वेदांग संस्कृत महाविद्यालय के आचार्यों की ओर से वैदिक मंत्रोच्चार के साथ वातावरण गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने पारंपरिक मांगल गीतों और भजनों के साथ देव डोलियों को बदरीनाथ धाम के लिए विदा किया।
बदरीनाथ यात्रा के अहम पड़ाव ज्योतिर्मठ स्थित नृसिंह मंदिर को लगभग पांच क्विंटल गेंदे के फूलों से भव्य रूप से सजाया गया। वहीं नगर क्षेत्र के विद्यालयों के बच्चों ने आकर्षक रैली निकालकर पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
