Chamoli: आपदा से निपटने की तैयारियों का लिया जायजा, छह स्थानों पर होगी मॉक ड्रिल

Chamoli: 2 जुलाई को प्रस्तावित जनपद स्तरीय आपदा मॉक ड्रिल की तैयारियों के क्रम में मंगलवार को एनआईसी सभागार, गोपेश्वर में जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में टेबल टॉप एक्सरसाइज का आयोजन किया गया। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा मॉक ड्रिल के दौरान निभाई जाने वाली भूमिकाओं, उपलब्ध संसाधनों, राहत एवं बचाव कार्यों, संचार व्यवस्था तथा विभागीय समन्वय की विस्तृत समीक्षा की गई।

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जिलाधिकारी ने कहा कि मॉक ड्रिल का उद्देश्य किसी भी संभावित आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों की तैयारी, त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता तथा आपसी समन्वय का परीक्षण करना है। उन्होंने सभी विभागों को निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार अपने दायित्वों का गंभीरतापूर्वक निर्वहन करने तथा आवश्यक संसाधनों एवं मानवबल की उपलब्धता पहले से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

 

उन्होंने बताया कि मॉक ड्रिल के तहत जनपद के छह चिन्हित स्थलों पर विभिन्न आपदा परिदृश्यों का अभ्यास किया जाएगा। इनमें चेपड़ों (थराली) में भारी वर्षा एवं भूस्खलन से भवनों में मलबा भरने, लामबगड़ (ज्योतिर्मठ) में मलबा गिरने से पुल क्षतिग्रस्त होने एवं अलकनंदा नदी का प्रवाह बाधित होने, थराली-चेपड़ों-वाण क्षेत्र में बादल फटने, कमेड़ा (गौचर) में पत्थर गिरने से यातायात बाधित होने, तमक नाला (ज्योतिर्मठ) में मलबा गिरने से पुल क्षतिग्रस्त होने तथा टीएचडीसी टनल (पीपलकोटी) में टनल क्षतिग्रस्त होने से लोगों के फंसने की काल्पनिक परिस्थितियों पर राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया जाएगा।

 

बैठक में खोज एवं बचाव दलों की तैनाती, राहत शिविरों की व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं, एम्बुलेंस, विद्युत एवं पेयजल आपूर्ति, खाद्य एवं आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता, सड़कों को सुचारु रखने, वैकल्पिक मार्गों, संचार व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की भी विस्तार से समीक्षा की गई। संबंधित विभागों ने अपनी तैयारियों एवं उपलब्ध संसाधनों की जानकारी प्रस्तुत की।

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जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि मॉक ड्रिल के दौरान सभी विभाग निर्धारित समय पर अपने संसाधनों, उपकरणों एवं कार्मिकों के साथ पूरी तरह तैयार रहें तथा किसी भी स्थिति में विभागीय समन्वय में कमी न रहे। उन्होंने कहा कि अभ्यास के दौरान वास्तविक आपदा जैसी परिस्थितियों का सृजन किया जाएगा, इसलिए सभी अधिकारी एवं कर्मचारी पूरी गंभीरता और तत्परता के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें। साथ ही उन्होंने प्रत्येक विभाग को मॉक ड्रिल के उपरांत अपने अनुभव एवं कमियों का विश्लेषण कर भविष्य के लिए आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।