Chamoli: कर्णप्रयाग में 27 जून तक धारा 163 लागू, पांच से अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध

Chamoli: कर्णप्रयाग में हाल ही में निहंग यात्रियों और स्थानीय लोगों के बीच हुए विवाद के बाद प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। उप जिलाधिकारी कर्णप्रयाग द्वारा परगना क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी गई है। यह आदेश 20 जून की शाम 7 बजे से 27 जून 2026 तक प्रभावी रहेगा।

प्रशासन का उद्देश्य किसी भी प्रकार की भीड़, विरोध प्रदर्शन या सामूहिक गतिविधियों को नियंत्रित कर कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।

पांच से अधिक लोगों के जुटने पर रोक

धारा 163 के तहत क्षेत्र में पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके अलावा जुलूस, धरना, रैली, प्रदर्शन, हथियार लेकर चलना और भड़काऊ नारेबाजी पर भी रोक रहेगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अफवाहों से रहें दूर

पुलिस और प्रशासन ने स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैलने वाली अपुष्ट खबरों पर विश्वास न करें। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

चमोली प्रशासन और पुलिस विभाग पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी गई है और खुफिया तंत्र को भी सक्रिय किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में शांति, सौहार्द और सामाजिक समरसता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी तरह की अवांछित गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

वहीं,जारी आदेश के अनुसार यह प्रतिबंध ड्यूटी पर तैनात सरकारी कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा।

प्रशासन ने सार्वजनिक आयोजनों में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के प्रयोग पर भी रोक लगाई है. साथ ही लाठी, तलवार, चाकू, भाला, आग्नेयास्त्र, पेट्रोल, डीजल, तेजाब, पटाखे व अन्य खतरनाक सामग्री लेकर चलने पर प्रतिबंध लगाया गया है. ईंट-पत्थर या अन्य फेंके जाने योग्य वस्तुओं का संग्रह करना व दूसरों को इसके लिए प्रेरित करना भी निषिद्ध रहेगा।

आदेश में किसी भी समुदाय, धर्म या व्यक्ति के खिलाफ भड़काऊ भाषण, अपमानजनक टिप्पणी, नारेबाजी, अफवाह फैलाने व सोशल मीडिया सहित किसी भी माध्यम से भ्रामक सूचना प्रसारित करने पर भी रोक लगाई गई है. सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने व यातायात, एम्बुलेंस और सरकारी कार्यों में बाधा उत्पन्न करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों को बिना वारंट गिरफ्तार किया जा सकेगा. उनके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता-2023 की धारा-223 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी. आदेश का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं।