Chamoli: उत्तराखंड राज्य गठन के 25 वर्ष और देश की आजादी के 78 वर्ष पूरे होने के बावजूद चमोली जिले की ग्राम सभा तल्ला मोख आज भी सड़क जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित है। इस स्थिति से नाराज ग्रामीण एक बार फिर आंदोलन के लिए तैयार हो गए हैं। उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के नेता अंकेश भंडारी के नेतृत्व में ग्राम मोख तल्ला विकास संघर्ष समिति के बैनर तले ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर संघर्ष तेज करने का ऐलान किया है।

15 किलोमीटर दूर गांव, लेकिन सड़क आज भी सपना
ग्रामीणों का कहना है कि नंदानगर विकासखंड से मात्र 15 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम सभा तल्ला मोख आज भी मोटर मार्ग से नहीं जुड़ पाई है। एक ओर सरकार विकसित भारत और विकसित उत्तराखंड की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर गांव के लोग कठिन पहाड़ी रास्तों पर पैदल चलने को मजबूर हैं।
स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार पर पड़ रहा सीधा असर
सड़क सुविधा के अभाव का सबसे अधिक असर गांव के दैनिक जीवन पर पड़ रहा है। बीमार व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाना, बच्चों को स्कूल भेजना, किसानों को अपनी उपज बाजार तक ले जाना और गर्भवती महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना आज भी ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क न होने के कारण विकास की कई योजनाएं भी गांव तक प्रभावी रूप से नहीं पहुंच पा रही हैं।
ग्रामीणों का नारा
“हम रुकेंगे नहीं, झुकेंगे नहीं, अपने अधिकार लेकर रहेंगे।”
“सड़क हमारा अधिकार है, उपकार नहीं।”
पिछले आंदोलन के बाद भी नहीं हुआ कोई ठोस समाधान
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले वर्ष भी उन्होंने लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया था और अपनी समस्याओं को प्रशासन तथा सरकार के समक्ष रखा था। उस समय कई आश्वासन दिए गए, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्य धरातल पर दिखाई नहीं दिया। इससे ग्रामीणों में निराशा और आक्रोश दोनों बढ़े हैं।
व्यापक जन आंदोलन की चेतावनी
ग्राम सभा तल्ला मोख के लोगों ने स्पष्ट किया है कि अब केवल आश्वासनों से काम नहीं चलेगा। यदि शीघ्र ही गांव को मोटर मार्ग से जोड़ने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो व्यापक और बृहद जन आंदोलन शुरू किया जाएगा।
ग्रामीणों का कहना है कि यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक ग्राम सभा तल्ला मोख को सड़क सुविधा उपलब्ध नहीं हो जाती।

