देश में महिला अपराध 4 फीसदी बढ़ा, जानें किस राज्य में हालत सबसे खराब

NCRB Report: देश में महिलाओं के खिलाफ अपराध में 4 फीसदी का इजाफा हुआ है। 2022 में महिलाओं के खिलाफ अपराध के हर घंटे लगभग 51 प्राथमिकी दर्ज की गईं। जिसमें अधिकांश अपराध के मामले पति या उसके रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता के सामने आए हैं।


 

भारत में 2022 में महिलाओं के खिलाफ अपराध के कुल 4,45,256 मामले दर्ज किये गये। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के ताजा आंकड़ों में यह खुलासा हुआ है। इससे पहले 2021 में 4,28,278 जबकि 2020 में 3,71,503 प्राथमिकी दर्ज की गई थीं। यानी 2021 की तुलना में 2022 में चार फीसदी मामले बढ़े हैं। इसमें सबसे ज्यादा मामले घरेलू हिंसा और उसके बाद अपहरण, छेड़छाड़ और दुष्कर्म के हैं।

हर घंटे लगभग 51 मामले दर्ज

केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाले एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार 2022 में महिलाओं के खिलाफ अपराध के सिलसिले में हर घंटे लगभग 51 प्राथमिकी दर्ज की गईं।

महिलाओं पर सबसे ज्यादा ‘अपनों’ का अत्याचार

आंकड़ों के मुताबिक, प्रति एक लाख आबादी पर महिला अपराध की दर 66.4 फीसदी रिकॉर्ड की गई। ऐसे मामलों में आरोप पत्र दायर करने की दर 75.8 फीसदी रही। एनसीआरबी ने बताया कि भारतीय दंड संहिता के तहत महिलाओं के खिलाफ सबसे ज्यादा 31.4 फीसदी जुर्म पति या उसके रिश्तेदारों की क्रूरता किए जाने के थे। इसके बाद अपहरण के 19.2 फीसदी, छेड़छाड़ के 18.7 फीसदी और दुष्कर्म के 7.1 फीसदी मामले रहे।

दिल्ली में सबसे ज्यादा महिला अपराध 

वहीं राजधानी दिल्ली की बात करें तो  2022 में महिला अपराध के मामलों की सबसे अधिक दर 144.4 दिल्ली में दर्ज की गई। यह राष्ट्रीय औसत दर 66.4 से काफी अधिक है। वहीं इस साल दिल्ली में महिलाओं के खिलाफ अपराध के 14,247 मामले सामने आए। जबकि दिल्ली में 2021 में ऐसे मामले 14,277 और 2020 में 10,093 थे।

5 राज्यों में देश की 50 फीसदी एफआईआर

एनसीआरबी के मुताबिक, पिछले साल देश में जितने मामले सामने आए, उनमें से 2,23,635 यानी 50 फीसदी उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश में दर्ज किए गए। उत्तर प्रदेश में 2021 में महिला अपराध के 56,083 और और 2020 में 49,385 मामले दर्ज किए थे। इसके बाद राजस्थान (40,738 और 34,535), महाराष्ट्र (39,526 और 31,954), पश्चिम बंगाल (35,884 और 36,439) और मध्य प्रदेश (30,673 और 25,640) रहे थे।

यूपी में सबसे ज्यादा अपहरण की घटनाएं

देशभर में महिलाओं के अपहरण की 69,677 घटनाएं हुईं, जो पुलिस बलों के लिए एक चुनौती है। उत्तर प्रदेश में अपहरण की सबसे अधिक 14,887 घटनाएं दर्ज की गईं, इसके बाद बिहार (10,190), महाराष्ट्र (9,297), मध्य प्रदेश (7,960) और पश्चिम बंगाल (6596) का स्थान है।

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कर्नाटक में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़े

कर्नाटक में 2022 में महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में तेज वृद्धि दर्ज की गई। आंकड़ों से पता चलता है कि कर्नाटक में 2022 में महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर 17,813 एफआईआर दर्ज की गईं, जबकि पिछले साल यह संख्या 14,468 थी। राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध की दर 53.6 प्रति लाख जनसंख्या थी, जबकि ऐसे मामलों में आरोप पत्र दायर करने की दर 82.8 थी।

12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अपराध दर 

कुल 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अपराध दर राष्ट्रीय औसत 66.4 से अधिक दर्ज की गई। सूची में दिल्ली 144.4 की दर के साथ शीर्ष पर रहा है। उसके बाद हरियाणा (118.7), तेलंगाना (117), राजस्थान (115.1), ओडिशा (103), आंध्र प्रदेश (96.2), अंडमान और निकोबार द्वीप समूह (93.7), केरल (82), असम (81) मध्य प्रदेश (78.8), उत्तराखंड (77), महाराष्ट्र (75.1), पश्चिम बंगाल (71.8), उत्तर प्रदेश (58.6) रहे।