Diwali 🪔: पूर्व सैनिक ने बनाए गाय के गोबर से दीये, जाने क्या है इसमें खास

गाय के गोबर से बने होने के कारण ये दीये मिट्टी में मिलकर खाद का काम करते हैं यानी दीवाली के पुराने दीये को इधर-उधर फेंकने के बजाय इनका खाद के तौर पर इस्तेमाल हो सकता है।


उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में स्वरोजगार की ओर काफी लोगों का रुझान बढ़ने लगा है। ऐसे में अब पिथौरागढ़ के पूर्व सैनिक भी इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। दरअसल, दीवाली के त्यौहार का सीजन है और बाजार सजने लगा है। ऐसे में यहां के पूर्व सैनिक बलवंत सिंह ने गोबर के दीये बनाकर इन्हें बाजार में उतारा है।

बद्री गाय के गोबर से बनाए 2500 दीये

बलवंत सिंह ने गाय के गोबर से 2500 दीये बनाये हैं, जो इस दीवाली आपके घर की शुद्धता को बढ़ाने का काम भी करेंगे क्योंकि यहां पहाड़ों में पाए जाने वाली बद्री गाय के गोबर को काफी शुद्ध माना जाता है, जिसका प्रयोग अनेक प्रकार के शुभ कार्यों में भी किया जाता है।

खाद के रुप में भी किये जा सकेंगे इस्तेमाल

ये इस मायने में भी खास है क्योंकि इसके इस्तेमाल के बाद आप इन दीयों को अपने खेतों में भी डालकर खाद के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं। यही वजह भी है कि इन्हें ईको फ्रेंडली दीये भी कहा जा सकता है। बता दें कि यह पिथौरागढ़ में इस तरीके का पहला प्रयास है। यहां गांवों में गोबर तो बहुत है लेकिन उसका ऐसा इस्तेमाल बलवंत सिंह ने ही किया है।

ये दीये इस लिए हैं खास

इको फ्रेंडली गोबर के दीये की क्वालिटी की बात करें तो   यह इतने हल्के हैं कि गिरने या टकराने पर नहीं टूटते, जो इन्हें और खास बना देते हैं। इनके मुकाबले देखा जाए तो मिट्टी के दीयों में यह क्वालिटी नहीं होती है।

दीये बनाने के साथ ही धूप बनाने का काम किया 

पूर्व सैनिक बलवंत सिंह बताते हैं कि उनके पूर्व सैनिक संगठन के माध्यम से उन्होंने स्वरोजगार की कई ट्रेनिंग ली हैं। जिसके बाद उन्होंने घर पर दीये बनाने के साथ ही धूप बनाने का काम शुरू किया। उन्होंने इसकी विशेषता बताते हुए अन्य लोगों से भी स्वरोजगार को अपनाने की अपील की है।

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युवा भी अपनाएं स्वरोजगार के तरीके

पूर्व सैनिक संगठन के उपाध्यक्ष मयूख भट्ट पूर्व सैनिकों को स्वरोजगार से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह समय-समय पर पहाड़ में उपलब्ध संसाधनों से पूर्व सैनिकों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन करते हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को भी स्वरोजगार के क्षेत्र में कदम रखना चाहिए।

ऐसे खरीद सकते हैं दीये

बद्री गाय के गोबर से बने इस एक दीये की कीमत 5 रुपये रखी गयी है। इन्हें आप बलवंत सिंह से सीधा खरीद सकते हैं और उनका मनोबल बढ़ा सकते हैं। बलवंत सिंह का फोन नम्बर है- 9720159827, जिस पर कॉल करके आप इन दीयों को खरीद सकते हैं।

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