देश को मिली पहली रैपिड ट्रेन ‘नमो भारत’, जानिए इसकी खासियत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साहिबाबाद से देश की पहली रैपिड ट्रेन के कॉरिडोर का उद्घाटन किया। पहले चरण में साहिबाबाद से दुहाई तक 17 किलोमीटर लंबे प्राथमिकता खंड पर ट्रेनों का परिचालन प्रधानमंत्री के हरी झंडी दिखाने के बाद से शुरू हो गया। वंदे भारत की तर्ज पर इसे नमो भारत ट्रेन नाम दिया गया है।


RapidX : दिल्ली से मेरठ से बीच यात्रा करने वाले मुसाफिरों का सफर आसान होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को साहिबाबाद से देश की पहली रैपिड ट्रेन नमो भारत का हरी झंडी दिखाकर उद्घाटन किया।

प्रधानमंत्री ने बटन दबाकर RRTS कनेक्ट ऐप की भी शुरुआत की। इस ऐप से रैपिड ट्रेन की पूरी जानकारी मिलेगी। प्रधानमंत्री ने मोबाइल से QR कोड स्कैन करके पहला टिकट खरीदा। प्रधानमंत्री ने आठ मार्च 2019 को दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर की नींव रखी थी।

प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के बाद उसमें बैठकर सफर का भी आनंद लिया। इस दौरान उन्होंने ट्रेन में मौजूद स्कूली बच्चों से भी बात की। प्रधानमंत्री मोदी ने नमो भारत के क्रू से भी बातचीत की।

इन पांच रूट्स पर चलेगी ट्रेन

पहले चरण में साहिबाबाद से दुहाई तक 17 किलोमीटर लंबे प्राथमिकता खंड पर ट्रेनों का परिचालन प्रधानमंत्री के हरी झंडी दिखाने के बाद से शुरू हो गया। इसे 21 अक्टूबर को यात्रियों के लिए खोल दिया जाएगा। पहले चरण में इस रूट पर सिर्फ पांच स्टेशन ही होंगे, जिनमें साहिबाबाद, गाजियाबाद, गुलधर, दुहाई और दुहाई डिपो शामिल हैं।

अंतिम चरण जून 2025 तक होगा पूरा 

इस ट्रेन का दूसरा फेज मार्च 2024 तक पूरा होगा। दूसरे चरण में इसका संचालन साहिबाबाद से मेरठ के बीच शुरू हो जाएगा और तीसरा और अंतिम चरण मेरठ के मोदीपुरम से दिल्ली के सराय काले खां तक होगा। इस फेज का काम 2025 तक रखा गया है। 82 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट के जून 2025 तक पूरा हो जाने की उम्मीद है।

रोजाना करीब 8 लाख यात्री सफर कर सकेंगे

इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से दिल्ली -एनसीआर के करोड़ों लोगों को सीधा फायदा मिलेगा। नमो भारत ट्रेन से रोजाना करीब 8 लाख यात्री सफर कर सकेंगे। यह ट्रेन 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दोड़ेगी। इसकी अधिकतम स्पीड 180 किलोमीटर प्रति घंटे तक होगी।

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यात्रियों के मिलेगी कई खास सुविधाएं

ये ट्रेन ओवरहेड लगेज रैक, वाई-फाई और हर सीट पर एक मोबाइल और लैपटॉप चार्जिंग सॉकेट जैसी यात्री सुविधाओं के अलावा कई सुरक्षा सुविधाओं से भी लैस हैं। इसमें आम यात्रियों की सुविधा के लिए शताब्दी ट्रेन या हवाई जहाज की इकोनॉमी क्लास जैसी रिक्‍लाइनिंग सीटें लगाई गई हैं। हर तरफ डिजिटल स्क्रीन लगाई गई हैं, जो स्टेशन से जुड़ी जानकारी के साथ ही ट्रेन की रियल टाइम स्‍पीड भी बताएंगे। इसमें एंट्री के लिए हाई-टेक ऑटोमेटिक गेट्स लगे हैं, प्लेटफार्म और ट्रेन के ट्रैक के बीच ग्लास की दीवार भी लगाई गई है।

मरीजों के लिए अलग कोच की व्यवस्था 

ट्रेन कोच के आखिरी डिब्बे में स्ट्रेचर का इंतजाम किया गया है। अगर किसी मरीज को मेरठ से दिल्ली रेफर किया जाता है, तो इसके लिए एक अलग कोच की व्यवस्था है ताकि कम कीमत में मरीज को पहुंचाया जा सके। इस ट्रेन में दिव्यांगों के लिए अलग सीट तैयार की गई है।

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मेट्रो की तर्ज पर महिलाओं के लिए अलग कोच

इसमें मेट्रो की तर्ज पर महिलाओं के लिए अलग कोच होगा। इसमें 50 प्रतिशत से ज्‍यादा महिला स्‍टाफ होगा, जिन्‍हें स्थानीय स्तर पर रिक्रूट किया गया है। इस हाई स्पीड ट्रैन में कुल 6 कोच होंगे। एक कोच प्रीमियम कैटेगरी के यात्रियों के लिए होगा जो इंजन के बाद पहला कोच होगा।

कितना आसान होगा सफर?

रैपिड ट्रेन साहिबाबाद से दुहाई डेपो के बीच 17 किलोमीटर की दूरी 15 से 17 मिनट में पूरी करेगी। इसकी फ्रीक्वेंसी 15 मिनट रखी गई है। यह हर स्टेशन पर 30 सेकंड के लिए रुकेगी। बिना रुके यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए ऐसी तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। जिससे 100 किलोमीटर की दूरी 45-50 मिनट के भीतर ही तय की जा सकेगी।

इतना हो सकता है किराया

बताया जा रहा है कि रैपिड ट्रेन मो भारत में प्रीमियम क्लास का किराया 40 से 100 रुपये तक होगा। वहीं,स्टैंडर्ड क्लास का किराया 20 से 50 रुपये होगा।