कतर की जेल से सकुशल घर लौटे सौरभ वशिष्ट, सीएम धामी ने की मुलाकात

 Saurabh Vashishtha returns:मुख्यमंत्री ने कहा कि सौरभ वशिष्ट लम्बे समय के बाद तमाम मुश्किलों का सामना कर वापस घर लौटे हैं, उनके परिवार के लिये यह अवसर दीपावली जैसा है।


देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कतर से सकुशल देहरादून वापस लौटे नौ सेना के पूर्व अधिकारी सौरभ वशिष्ट के टर्नर  आवास पर जाकर उनके परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सौरभ वशिष्ट को सम्मानित कर शुभकामनायें दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सौरभ की सकुशल रिहाई विश्व में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं भारत की बढ़ती ताकत की पहचान है। यही नहीं उनकी रिहाई मोदी है तो मुमकिन है का स्पष्ट उदाहरण भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सौरभ वशिष्ट लम्बे समय के बाद तमाम मुश्किलों का सामना कर वापस घर लौटे हैं, उनके परिवार के लिये यह अवसर दीपावली जैसा है।

कतर की जेल से लौटे रिटायर्ड कैप्टन सौरभ वशिष्ठ

बता दें कि कतर की जेल में करीब 18 महीने का समय बिताने के बाद रिटायर्ड कैप्टन सौरभ देहरादून अपने आवास पर पहुंच गए हैं। उनके सकुशल वापस आने पर परिजनों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। करीब 52 वर्षीय सौरभ को फांसी की सजा मिलने के बाद से ही उनके माता-पिता पिछले 18 महीने से रिहाई का जंग लड़ रहे थे। लेकिन अब उनका बेटा मंगलवार की शाम को सकुशल वापिस पहुंच गया है। ऐसे में इस पल को लेकर सौरभ के माता पिता के साथ ही पूरा परिवार और उनके शुभचिंतक काफी उत्साहित हैं।

कतर में रहकर रिहाई की जंग लड़ रहा था परिवार 

सौरभ के पिता आर के वशिष्ठ ने बताया कि इस पल से बढ़कर दुनिया में कोई खुशी नहीं है। क्योंकि उनका बेटा इस उम्र में उनका स्तंभ है। जिसके लिए वो तरस रहे थे और बेटा जेल में उनके लिए परेशान हो रहा था। जब सौरभ कतर की दोहा जेल में बंद थे उस दौरान हफ्ते में तीन दिन फोन पर बातचीत होती थी और हफ्ते में एक दिन मिलने का समय दिया जाता था। इस घटना क्रम के दौरान सौरभ की पत्नी मानसा और दोनों बेटियां जारा और तुवीसा भी कतर में रहकर रिहाई की जंग लड़ रही थीं।

परिजनों ने जताया पीएम मोदी का आभार 

सौरभ के पिता रिटायर एयर विंग कमांडर आर के वशिष्ठ ने बताया कि उनकी बहू यानी सौरभ की पत्नी मानसा वहीं पर नौकरी करते हुए अपने दोनों बेटियों को पढ़ा रही थीं। भारत सरकार की मदद से ही माता-पिता को तीन बार कतर जेल में जाकर अपने बेटे से मिलने और बातचीत का मौका मिला। सौरभ के माता पिता 80 साल से अधिक के उम्र में अपने बेटे के रिहाई को लेकर देहरादून में तपड़ रहे थे।

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पिता आर के वशिष्ठ ने पीएम नरेंद्र मोदी का धन्यवाद देते हुए कहा कि ये सब कुछ पीएम नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री एस जयशंकर की वजह से ही संभव हो पाया है।