Uttarakhand : बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं के मामले पर उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि यदि राज्य में देवस्थानम बोर्ड होता, तो काफी हद तक ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता था।
त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि उनका शुरू से मानना रहा है कि उत्तराखंड में देवस्थानम बोर्ड की व्यवस्था होनी चाहिए, क्योंकि इस तरह की संस्थागत व्यवस्था से मंदिरों के संचालन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होती।
‘निष्पक्ष जांच हो, दोषियों को मिले कड़ी सजा’
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि बदरीनाथ धाम से जुड़ा यह मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का विषय है। उन्होंने कहा कि यदि किसी ने श्रद्धालुओं के चढ़ावे में गड़बड़ी की है, तो उसकी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए तथा दोषी पाए जाने वालों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई इस प्रकार का कृत्य करने का साहस न कर सके।
BKTC ने शुरू की कार्रवाई
गौरतलब है कि बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की कथित गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने दान राशि की गणना से जुड़े कर्मचारियों और अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही मामले की जांच के लिए समिति का गठन कर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है और विभिन्न दल निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
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