Uttarakhand Cabinet: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में हुई कैबिनेट बैठक में 18 प्रस्तावों पर मुहर लगी। सचिव मुख्यमंत्री शैलेश बगोली ने कैबिनेट ब्रीफिंग की। अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम को लेकर बड़ा फैसला आया, जिसमे अब कक्षा 1 से कक्षा 8 तक के मदरसों को जिला स्तर पर जिला अधिकारी से मान्यता लेनी होगी, रामनगर बोर्ड के अधीन 52 मदरसों को मान्यता मिलेगी।
कैबिनेट बैठक के अन्य महत्वपूर्ण फैसले
उत्तराखंड मोटरयान संशोधित नियमावली 2026 के तहत वरिष्ठ प्रवर्तन पर्यवेक्षक, प्रवर्तन पर्यवेक्षक और सिपाहियों का वर्दी निर्धारण को मिली मंजूरी।
शहरी विकास कुंभ मेला के लिए कार्यों की स्वीकृति आसान होगी। एक करोड़ तक के मेला अधिकारी, 5 करोड़ तक के मंडलायुक्त और बाकी शासन से स्वीकृत होंगे।
आबकारी नीति में व्यय दर 6% निर्धारित की गई थी, जिसके अनुरूप वाणिज्य कर विभाग ने अपनी नियमावली में संशोधन को मंजूरी दी।
परिवहन विभाग के तहत बसों की खरीद को मंजूरी दी गई। पहले 100 बसों की अनुमति थी, लेकिन जीएसटी दर 28% से घटकर 18% होने के बाद अब 109 बसें खरीदी जाएंगी।
उत्तराखंड अधीनस्थ वन सेवा नियमावली 2016 में संशोधन को मंजूरी।
वन दरोगा के शैक्षिक अहर्ता को इंटरमीडिएट से बढ़कर स्नातक किया गया है।
वन दरोगा की आयु सीमा 21 से 35 वर्ष तय की गई। वन आरक्षी की आयु सीमा 18 से बढ़ाकर 25 वर्ष की गई।
जिला सैनिक कल्याण अधिकारी भी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में पदेन सदस्य के रूप में होंगे. एसिड अटैक विक्टिम को भी शामिल करने का लिया गया निर्णय।
उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नियमावली 2026 के संशोधन को मिली मंजूरी।
उत्तराखंड उप खनिज परिहार नियमावली 2023 में संशोधन को मिली मंजूरी। रॉयल्टी की दर को 7 रुपए प्रति कुंतल को बढ़ाकर 8 रुपए प्रति कुंटल किया गया।
वन सीमा क्षेत्रों में मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए नई नीति को मंजूरी। इससे स्थानीय लोगों की आय बढ़ेगी और मानव-हाथी संघर्ष में कमी आने की उम्मीद है। वन सीमा मौन पालन मधुमक्खी आधारित आजीविका एवं मानव-वन्य जीव संघर्ष नियमावली 2026 को भी स्वीकृति दी गई।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुरूप विशेष शिक्षा शिक्षकों की अर्हता तय करने वाली नियमावली को मंजूरी।
सहायक अध्यापकों के लिए सेवा नियमावली को स्वीकृति।
