Uttarakhand: स्कूल मरम्मत से लेकर मानसून तैयारियों तक, मुख्य सचिव ने तय किया रोडमैप, सभी डीएम को दिए निर्देश

Uttarakhand: मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में आज सचिवालय में जिलाधिकारियों के साथ वर्चुअल मीटिंग हुई। मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को अपने जनपद में ऐसे विद्यालयों की तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए, जिन्हें मरम्मत की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे विद्यालयों को प्राथमिकता पर लिया जाए जिनके आस पास कोई अन्य विद्यालय नहीं है।

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उन्होंने जिलाधिकारी टिहरी द्वारा स्कूलों की मरम्मत के लिए शुरू की गई मुहिम की सराहना करते हुए अन्य सभी जनपदों को भी कार्यदायी संस्थाओं द्वारा विभागीय स्तर पर TAC आदि करवा कर प्रस्ताव शासन को प्रेषित करने के निर्देश दिए, ताकि पूरी प्रक्रिया में लगने वाले समय को कम कर तत्काल भवनों का मरम्मत कार्य शुरू किया जा सके।

 

उन्होंने सचिव शिक्षा को निर्देश दिए कि एक साथ फंड्स रिलीज के लिए प्रस्तावों को जमा करने के बजाय जिन जनपदों के प्रस्ताव प्राप्त होते हैं, उनके लिए तत्काल फंड्स रिलीज कराएं।

 

मुख्य सचिव ने कहा कि टीबी मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने के लिए जनपदों द्वारा स्क्रीनिंग बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हाई रिस्क विलेज में अधिक से अधिक कैम्प आयोजित किए जाएं। उन्होंने टीबी स्क्रीनिंग में एक्स-रे मशीन का उपयोग बढ़ाने के भी निर्देश दिए, साथ ही कहा कि टीबी स्क्रीनिंग में NSS और NCC वॉलंटियर्स को शामिल किया जा सकता है।

 

उन्होंने प्रदेश में 4 जुलाई से शुरू हो रहे सेवा पखवाड़ा को लेकर भी जिलाधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने कहा कि सेवा पखवाड़ा को सफल बनाने के लिए उसका पहले से उचित प्रचार प्रसार किया जाए ताकि सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत लगने वाले बहुउद्देशीय शिविरों का लाभ अधिक से अधिक लोग उठा सकें। उन्होंने कहा कि राज्य एवं केन्द्र सरकार की जनहित की योजनाओं की अधिक से अधिक जानकारी साझा की जाए एवं पात्र लोगों का आवेदन कराया जाए।

 

मुख्य सचिव ने मानसून सीजन की तैयारियों को लेकर भी सभी जिलाधिकारियों को दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में भूस्खलन संभावित स्थलों, बाढ़ संभावित क्षेत्रों, नदी तटों एवं भू-कटाव वाले क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जाए। सभी आवश्यक उपकरण, मशीनों एवं अन्य आवश्यक मशीनरी को पहले से ही संवेदनशील स्थानों पर तैनात रखा जाए।

 

उन्होंने कहा कि बार-बार बाधित होने वाली सड़कों के लिए वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। विद्युत, पेयजल, सड़क, दूरसंचार आदि के लिए प्लान बी भी तैयार रखा जाए एवं किसी को भी कोई समस्या है तो, सम्बन्धित विभागीय सचिव से संपर्क कर समस्या का निस्तारण किया जाए।