Uttarakhand: चारधाम यात्रा 2026 की तैयारीयां शुरू, गढ़वाल आयुक्त और आईजी की अगुवाई में पहली हाईलेवल बैठक

Uttarakhand : उत्तराखंड की पहचान और आस्था का सबसे बड़ा आधार मानी जाने वाली चारधाम यात्रा 2026 को लेकर प्रशासन ने अभी से मोर्चा संभाल लिया है। भले ही इस बार यात्रा के कपाट खुलने की तिथियों का औपचारिक ऐलान अभी बाकी है, लेकिन सरकार और प्रशासन किसी भी तरह की लापरवाही के मूड में नहीं दिख रहा।

इसी कड़ी में ऋषिकेश के ट्रांजिट कैंप में चारधाम यात्रा 2026 को लेकर पहली उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय और आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने की।

 

इस अहम बैठक में चारधाम यात्रा से जुड़े सभी जिलों के जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और विभागीय वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक का फोकस पूरी तरह पिछली यात्राओं से मिले अनुभवों पर रहा, ताकि 2026 की यात्रा में दोहराव वाली अव्यवस्थाओं पर समय रहते ब्रेक लगाया जा सके। प्रशासन ने साफ किया कि जहां पिछली यात्रा में व्यवस्थाएं बेहतर रहीं, उन्हें और मजबूत किया जाएगा, वहीं जिन बिंदुओं पर सवाल उठे थे, उन्हें इस बार सुधार की प्राथमिक सूची में रखा गया है।

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बैठक में यात्रा मार्गों की स्थिति, सड़कों और पुलों की मरम्मत, स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, एंबुलेंस नेटवर्क, पेयजल, शौचालय, पार्किंग और भीड़ नियंत्रण जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके साथ ही आपदा संभावित क्षेत्रों में विशेष तैयारी, आपात स्थिति में त्वरित रिस्पॉन्स सिस्टम और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर स्पष्ट रणनीति तय करने पर भी जोर दिया गया। प्रशासन का संदेश साफ है—चारधाम यात्रा 2026 में किसी भी स्तर पर अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी और श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यात्रा देने के लिए हर विभाग की जवाबदेही तय होगी।